भास्कर न्यूज | बाड़मेर राष्ट्रीय सेवा योजना व महिला प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर नारी वंदन कार्यक्रम हुआ। उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाना रहा। आत्मनिर्भरता को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर फोकस रहा। आत्मरक्षा के प्रति भी छात्राओं को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि से हुई। सामाजिक समानता और महिला अधिकारों के लिए प्रतिबद्धता जताई। राजनीति विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. हुकमाराम सुथार ने कहा कि अंबेडकर का समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व का संदेश आज भी प्रासंगिक है। महिला सशक्तिकरण नारे तक सीमित नहीं रहना चाहिए। महिला प्रकोष्ठ संयोजक डॉ. विमला ने कहा कि नारी परिवार की आधारशिला है। समाज के विकास की धुरी भी है। आत्मनिर्भर बनने के लिए शिक्षा जरूरी है। एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट सरिता लीलड़ ने आत्मरक्षा को आत्मविश्वास का आधार बताया। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी चेतन तिवारी ने कहा कि यह युग आत्मनिर्भरता का है। महिलाओं को पहचान बनाने के लिए आर्थिक रूप से सशक्त होना जरूरी है। सरकारी योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार बोहरा ने संसद में पारित नारी वंदन अधिनियम पर बात की। एनएसएस स्वयंसेविकाओं रुचिका खत्री व टीना डाबी ने विचार रखे। बाड़मेर | राजकीय महाविद्यालय बाड़मेर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वावधान में वैचारिक गोष्ठी व भाषण प्रतियोगिता हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक समता और न्याय के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। शुरुआत वैचारिक गोष्ठी से हुई। प्राध्यापकों ने अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारधारा पर बात रखी। प्रो. संतोष गढ़वीर, डॉ. नवल किशोर, डॉ. बी. एल. धनदे ने अंबेडकर को सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा का समर्थक बताया। विद्यार्थियों से उनके आदर्श अपनाने की अपील की।


