वृंदावन हादसे में मौज से जंग जीतकर आई लुधियाना की रजिंदर कौर की जान इंस्टाग्राम की एक रील ने बचा दी। रजिंदर कौर अब कुछ होश में आई तो उन्होंने इस हादसे की पूरी कहानी बताई। रजिंदर कौर ने बताया कि उसने रील में देखा था कि जब पानी में हादसा हो जाए तो मुंह नहीं खोलना, सांस रोकनी है और दोनों हाथ सीधे करके पैर चलाने हैं। रजिंदर कौर का कहना है कि जब वो पानी में गिरी तो उसने रील के हिसाब से काम किया। नतीजा यह हुआ कि वो पानी के अंदर डूबकर नीचे नहीं गई। उसने बताया कि जब वो पानी में संघर्ष कर रही थी तो उसे खड़ी नाव दिखी। जिसके बाद उसने नाव का कुंडा पकड़ा। उसके बाद नाव वालों ने उसे देखा लेकिन वो दूसरी महिला को निकाल रहे थे। नाव वालों ने उस महिला को निकाला और फिर उसे बाहर निकाला। उसके बाद रजिंदर कौर ने नाव वालों को बताया कि एक लड़का पुल के पास है उसे बाहर निकाल दो। नाव वहां ले गए और उन्होंने उस लड़के को भी बचा दिया। रजिंदर कौर ने कैसे लड़ी पानी में जिंदगी और मौत की जंग, सिलसिलेवार जानिए… हादसे से पहले चार लोग उतारे: रजिंदर कौर का कहना है कि स्टीमर में 37 लोग बैठे थे। बीच में उसने स्टीमर रोका। सभी ने पूछा कि क्यों रोका तो उसने कहा कि दूसरी किश्ती में शिफ्ट हो जाओ। जिस पर महिलाओं ने शिफ्ट होने से मना किया। बाद में चार बुजुर्ग दूसरी किश्ती में शिफ्ट हो गए। ओवर लोड वाली कोई बात नहीं थी। क्योंकि मैं पहले भी किश्तियों में सफर कर चुकी हूं। बीच में स्टीमर बंद किया: रजिंदर कौर ने बताया कि स्टीमर वाले ने बीच में स्टीमर बंद किया। सभी ने पूछा क्या हुआ तो उसने कहा कुछ नहीं हुआ। उसके बाद उसने फिर से स्टीमर स्टार्ट किया और चलाने लगा। पुल हमारी तरफ आ रहा था: रजिंदर कौर ने बताया कि जब स्टीमर खड़ा था तो पुल हमारी तरफ आने लगा। किसी ने कहा कि पुल हमारी तरफ आ रहा है तो किसी ने का स्टीमर चल रहा है हम पुल की तरफ जा रहे हैं। स्टीमर वाले ने कहा कि पुल के आने से पहले वो क्रॉस करवा देगा। इतने में तेजी से पुल आया और वोट से टकरा गया। वोट पुल की रस्सी में फंस गई और वोट पलट गई। उसके बाद पूरा पुल वोट के ऊपर आ गया। मैं, एक लड़की व लड़का खड़े थे: रजिंदर कौर ने बताया कि वोट जब पलटी तो उन्होंने वोट को पकड़ लिया क्योंकि वो उस समय खड़े होकर वीडियो बना रहे थे। जब पुल वोट के ऊपर आया तो उन्होंने वोट छोड़ दी और फिर पानी में डूब गए। पुल के ऊपर आने से वोट के नीचे दबे लोग बाहर नहीं आ सके। रील ने बचाई जान: रजिंदर कौर ने बताया कि उसने इंस्टाग्राम पर एक रील देखी थी। रील में पानी में डूबने से बचने के तरीके बताए थे। उसने बताया कि वह उन्हीं तरीकों को फोलो करती रही। सांस रोकी, मुंह बंद किया, हाथ सीधे किए और पैर चलाए। उससे वो पानी में नहीं डूबी और उसके मुंह नाक में पानी नहीं घुसा। पांच बार सिर से टकराई नाव: रजिंदर कौर ने बताया कि जब वो पानी में डूबी तो नाव पांच बार पानी के अंदर उसके सिर पर टकराई। उसने सिर के साथ हाथ रखा ताकि सिर को चोट न लगे। फिर पानी में से घुट-घुट की आवाज आई तो उसे लगा कि अब नाव अलग हो गई। फिर मैंने बाहर आने की कोशिश की। किसी ने सेफ्टी बेल्ट फेंकी: दूसरी नाव से किसी ने सेफ्टी बेल्ट फेंकी। मैंने सेफ्टी बेल्ट तो पकड़ी लेकिन तब तक शरीद थक चुका था। नाक से हल्के से सांस लेने पड़े तो पानी अंदर जाने लगा। फिर मैंने बाहर निकलने की सोची। सेंटर की तरफ जाती तो वहां बहुत लोग थे वहां से बाहर निकला मुश्किल था। वहां से एक नाव निकल रही थी फिर उसका कुंडा पकड़ लिया। मैंने फिर कुंडा नहीं छोड़ा। माता जी आपकी सांसें चल रही हैं दूसरी की टूट रही हैं: रजिंदर कौर ने बताया कि जब उसने वोट का कुंडा पकड़ा तो वोट वाले ने उसे देख लिया। वहीं एक और महिला थी। जिसकी सांसें टूट रही थी। नाव वाले ने कहा कि माता जी आपकी सांसें चल रही हैं और दूसरी की सांसें टूट रही हैं। उसे बचा लें। मैंने उन्हें कहा कि पहले उसे बचा लो। मुझे बचना होगा तो परमात्मा बचा लेगा। नाव वालों ने पहले दूसरी महिला को निकाला और फिर उसे निकाला। आंटी-आंटी चिल्ला रहा था युवक: रजिंदर कौर ने बताया कि पुल के पास एक युवक ने जब उन्हें देखा तो वो जोर जोर से आंटी आंटी चिल्लाने लगा। उसके बाद मैंने नाव वाले को कहा कि उसे भी बचा लो। फिर उसे बचाने गए। तब तक वह अपने हाथ पैर छोड़ चुका था और उससे जोर नहीं लग रहा था। फिर मैंने नाव वालों को कहा कि उसे पैर की तरफ से उठाओ। फिर उन्होंने उसे पैरों से उठाकर बाहर निकाला और उसकी जान बचा दी।


