सतना में कथित तौर पर डॉक्टरों की लापरवाही के कारण सोमवार को एक युवक की रीवा में मौत हो गई। किडनी स्टोन के ऑपरेशन के बाद युवक को रीवा रेफर किया गया था। इस घटना से नाराज परिजनों ने सतना पहुंचकर जमकर हंगामा किया और मुआवजे की मांग की। परिजनों ने पहले कोलगवां थाना के पास शव रखकर हाईवे जाम किया। पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, उन्होंने पाठक हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर धरना प्रदर्शन किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तीन थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। परिजनों की मांग है कि अस्पताल के डॉक्टरों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, मृतक के परिवार को 20 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए।
किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया था
परिजनों का आरोप है कि युवक को किडनी के इलाज के लिए भर्ती किया गया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी दूसरी किडनी भी क्षतिग्रस्त हो गई, जिसमें धागा बांधकर उसे रीवा रेफर कर दिया गया। रीवा में मरीज की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, पन्ना जिले के देवेंद्रनगर निवासी रवि रजक को किडनी में पथरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए सतना के मुख्तियारगंज स्थित स्टार मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने एक किडनी में गंभीर समस्या बताते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। 4 अप्रैल को पाठक नर्सिंग होम में मरीज का करीब पांच घंटे तक ऑपरेशन चला। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरती और दूसरी स्वस्थ किडनी में भी कट लगा दिया। ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत बिगड़ने लगी। स्थिति गंभीर होते देख अस्पताल प्रबंधन ने उसे रीवा के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। रीवा पहुंचने पर जांच और इमरजेंसी ऑपरेशन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिसके बाद मरीज की मौत हो गई। दूसरी किडनी में बंधा था धागा
बताया गया कि दूसरी किडनी पर गहरा कट था, जिसे धागे से बांध दिया गया था। इससे खून का रिसाव हुआ और किडनी ने काम करना बंद कर दिया। रीवा के डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन संक्रमण और आंतरिक क्षति अधिक होने के कारण दूसरी किडनी को भी निकालना पड़ा। इसके बाद मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंतत: उसकी मौत हो गई। पिता ने लगाए डॉक्टरों पर गंभीर आरोप
मृतक के पिता गिरधारीलाल रजक ने आरोप लगाया कि उनके बेटे को मामूली पथरी की समस्या थी, लेकिन पाठक अस्पताल के डॉ पुष्पेंद्र सिंह, डॉ राजीव पाठक और डॉ राजीव सिंह लापरवाही के कारण उसकी जान चली गई। उन्होंने बताया कि पहले सोनोग्राफी में पथरी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उन्हें किडनी विशेषज्ञ के पास भेजा गया। डॉक्टरों के कहने पर बेटे को पाठक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया और ऑपरेशन कर दिया गया, लेकिन इलाज के नाम पर गंभीर लापरवाही की गई। सीएसपी से भिडीं महिलाएं
घटना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। सोमवार देर रात उन्होंने कोलगवां थाना के सामने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाइश देकर मामला शांत कराया। इसके बाद पाठक हॉस्पिटल के पास शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएसपी देवेन्द्र सिंह और महिलाओं के बीच झड़प भी देखने को मिली। दरअसल महिलाओं को अस्पताल की ओर नहीं जाने दिया जा रहा था, ऐसे में वह आक्रोशित हो गईं।
वायरल वीडियो में गिड़गिड़ाते नजर आए डॉक्टर
पाठक हॉस्पिटल में किडनी का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह का एक वीडियो भी सामने आया। इसमें डॉक्टर पुष्पेन्द्र सिंह और मृतक के परिजनों के बीच बातचीत हो रही है। इस बातचीत में डॉक्टर ने अपनी गलती स्वीकारी। साथ ही इस मामले में तूल न देने की गुजारिश कर रहे हैं। यही नहीं वे अपनी जिम्मेदारी रीवा के अस्पताल पर थोपते हुए दिखाई दे रहे हैं। सीएमएचओ को पहले दे चुके थे शिकायत
परिजनों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से कराया जाए और दोषी डॉक्टरों व अस्पताल प्रबंधन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। बताया जाता है कि डॉक्टरों की लापरवाही के संबंध में परिजनों ने चार दिन पहले सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। सतना सीएमएचओ डॉ मनोज शुक्ला का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। टीम बनाकर प्रकरण की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित पाए गए तो संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


