दरियापुर प्रखंड के हल्दिया चवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए। किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी आजीविका बचाने की मांग की। उनका कहना है कि जिस जमीन पर एयरपोर्ट बनाने की योजना है, वही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य आधार है। एयरपोर्ट योजना से किसानों में आक्रोश, आजीविका बचाने की गुहार प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान चंद्रकेत नारायण यादव ने कहा कि खेती ही यहां के लोगों का एकमात्र सहारा है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “हम लोग साल भर मेहनत कर किसी तरह एक फसल तैयार करते हैं। कभी बाढ़ तो कभी सूखे की मार झेलते हैं। ऐसे में अगर जमीन ही चली गई, तो हम अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे?” उन्होंने सरकार से इस योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की। किसानों ने बताया कि हल्दिया चवर की उपजाऊ जमीन पर दशकों से खेती होती आ रही है और हजारों परिवार इसी पर निर्भर हैं। एयरपोर्ट निर्माण से न सिर्फ उनकी खेती प्रभावित होगी, बल्कि उनके सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का आरोप है कि यह योजना बिना उनकी सहमति के थोपी जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। पुनर्वास और मुआवजे की मांग प्रदर्शन में चंद्रकेत नारायण राय, रामजी राय, प्रमोद राय, सत्यनारायण राय, जंगली राय, कृष्ण राय, डॉ. अर्जुन राय, स्त्रुघ्न राय, इंद्रभूषण राय, शिवकुमार राय, दिन राय और धनंजय राय सहित कई किसान शामिल थे। उन्होंने एक स्वर में सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन इसके लिए किसानों की आजीविका को दांव पर लगाना उचित नहीं है। उन्होंने पहले पुनर्वास, उचित मुआवजा और वैकल्पिक रोजगार की ठोस व्यवस्था की मांग की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। दरियापुर प्रखंड के हल्दिया चवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट निर्माण के विरोध में सोमवार को बड़ी संख्या में किसान सड़कों पर उतर आए। किसानों ने सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए अपनी आजीविका बचाने की मांग की। उनका कहना है कि जिस जमीन पर एयरपोर्ट बनाने की योजना है, वही उनकी रोजी-रोटी का मुख्य आधार है। एयरपोर्ट योजना से किसानों में आक्रोश, आजीविका बचाने की गुहार प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान चंद्रकेत नारायण यादव ने कहा कि खेती ही यहां के लोगों का एकमात्र सहारा है। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा, “हम लोग साल भर मेहनत कर किसी तरह एक फसल तैयार करते हैं। कभी बाढ़ तो कभी सूखे की मार झेलते हैं। ऐसे में अगर जमीन ही चली गई, तो हम अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करेंगे?” उन्होंने सरकार से इस योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की। किसानों ने बताया कि हल्दिया चवर की उपजाऊ जमीन पर दशकों से खेती होती आ रही है और हजारों परिवार इसी पर निर्भर हैं। एयरपोर्ट निर्माण से न सिर्फ उनकी खेती प्रभावित होगी, बल्कि उनके सामने रोजी-रोटी का गहरा संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का आरोप है कि यह योजना बिना उनकी सहमति के थोपी जा रही है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। पुनर्वास और मुआवजे की मांग प्रदर्शन में चंद्रकेत नारायण राय, रामजी राय, प्रमोद राय, सत्यनारायण राय, जंगली राय, कृष्ण राय, डॉ. अर्जुन राय, स्त्रुघ्न राय, इंद्रभूषण राय, शिवकुमार राय, दिन राय और धनंजय राय सहित कई किसान शामिल थे। उन्होंने एक स्वर में सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन इसके लिए किसानों की आजीविका को दांव पर लगाना उचित नहीं है। उन्होंने पहले पुनर्वास, उचित मुआवजा और वैकल्पिक रोजगार की ठोस व्यवस्था की मांग की। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे। फिलहाल, इस मुद्दे को लेकर इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।


