Trump Hormuz Blockade Threat Update: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अब रूस की एंट्री ने हालात को और जटिल बना दिया है। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फेल होने के बाद, जहां एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉकेड करने की धमकी दी है, वहीं रूस ने ईरान को खुला समर्थन देने का संकेत दिया है।
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने न सिर्फ ईरान के साथ खड़े होने की बात कही, बल्कि यह भी इशारा किया कि रूस भविष्य के किसी शांति समझौते के तहत ईरान से ‘एनरिच्ड यूरेनियम’ लेने को तैयार है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह बयान ऐसे समय आया है जब हालिया US-ईरान वार्ता भी बेनतीजा रही, जिससे संघर्ष खत्म होने की उम्मीदों को झटका लगा है।
ईरान से पुतिन ने आखिर क्या कहा?
दरअसल, रविवार को रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन से बात कर मिडिल ईस्ट में शांति के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिया। पुतिन ने आगे कहा कि रूस इस तनाव को बातचीत और कूटनीति से सुलझाने के लिए तैयार है।
रूस के पास दुनिया का सबसे बड़ा न्यूक्लियर हथियार है…
रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि ईरान से जुड़े इस प्रस्ताव की जानकारी खुद राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका और क्षेत्र के दूसरे देशों को दे दी थी। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव अभी भी मौजूद है, लेकिन अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है। रूस पहले भी कई बार कह चुका है कि वह किसी लंबे समाधान के तहत ईरान के ‘एनरिच्ड यूरेनियम’ को अपने पास रखने के लिए तैयार है।
पेसकोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की होर्मुज स्ट्रेट को ब्लॉक करने की धमकी की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे कदमों से अंतरराष्ट्रीय बाजार पर बुरा असर पड़ता है। खासकर तब, जब फरवरी के आखिर से अमेरिका और इजराइल के ईरान के खिलाफ ऑपरेशन के कारण इस क्षेत्र में व्यापार और जहाजों की आवाजाही पहले ही काफी प्रभावित हो चुकी है।
इधर, पाकिस्तान में अमेरिका-ईरान वार्ता फेल होते ही हालात और बिगड़ गए। अमेरिकी सेना ने सोमवार से ईरान के सभी बंदरगाहों पर नाकाबंदी का ऐलान कर दिया। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा कि जब तक ईरान होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोलता, यह ब्लॉकेड जारी रहेगा … भले ही तेहरान इसे पाइरेसी क्यों न कहे।


