सोनीपत पुलिस ने फ्री में शेयर मार्केट और शेयर ट्रेडिंग सिखाने के नाम पर पैसे कमाने का लालच देकर ₹दस लाख साठ हजार की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस टीम ने गिरोह के तीन सदस्यों को मुंबई (महाराष्ट्र) और जयपुर (राजस्थान) से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, दस चेक बुक और नौ पास बुक बरामद की हैं। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अभिजीत निवासी मुंबई (महाराष्ट्र), महेश निवासी मुंबई (महाराष्ट्र) और राहुल निवासी कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह (IPS) और पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर सोनीपत कुशल पाल सिंह के मार्गदर्शन में थाना साइबर सोनीपत की टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने फ्री में शेयर मार्केट सिखाने के नाम पर ठगी करने वाले इस गिरोह को ट्रेस कर गिरफ्तार किया। शिकायतकर्ता ईशान निवासी सोनीपत ने 29 जनवरी 2026 को थाना साइबर सोनीपत में शिकायत दी थी। उसने बताया कि 4 अक्टूबर 2025 को उसे एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने व्हाट्सएप पर फ्री में शेयर मार्केट और ट्रेडिंग सिखाने का ऑफर दिया। कॉलर ने खुद को बहुराष्ट्रीय कंपनी डी-प्राइम (D PRIME) के पार्टनर के रूप में पेश किया और दो व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। कुछ दिन बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को निवेश के लिए उकसाया और कहा कि उसके शेयर कुछ ही दिनों में बीस से तीस प्रतिशत तक बढ़ जाएंगे। इस झांसे में आकर शिकायतकर्ता ने अपने इंडसइंड बैंक खाते से कुल ₹दस लाख साठ हजार रुपए आरोपियों के खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उसने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट और दस्तावेजों के आधार पर खाते खुलवाकर ठगी की थी। थाना साइबर सोनीपत के प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में उप निरीक्षक नवीन, सहायक उप निरीक्षक नवदीप, सहायक उप निरीक्षक विनीत, सिपाही नवीन और मुख्य सिपाही प्रदीप की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को मुंबई और जयपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, दस चेक बुक और नौ पास बुक बरामद कीं। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।


