8th pay commission: आठवें वेतन आयोग में आई बड़ी अपडेट, अलग-अलग राज्यों में इन तारीखों को होगी यूनियनों के साथ बैठकें

8th pay commission: आठवें वेतन आयोग में आई बड़ी अपडेट, अलग-अलग राज्यों में इन तारीखों को होगी यूनियनों के साथ बैठकें

8th pay commission latest news: करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें जिस आठवें वेतन आयोग पर टिकी है, वो अब मैदान में उतर रहा है। 8वां केंद्रीय वेतन आयोग अब सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर भी काम शुरू कर रहा है। आने वाले हफ्तों में आयोग सीधे यूनियनों, संगठनों और सरकारी संस्थाओं से बात करेगा। दिल्ली और पुणे में बैठकों का कार्यक्रम तय हो गया है। मुंबई और कुछ अन्य राज्यों में भी बैठकें होनी हैं, हालांकि उनकी तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं।

दिल्ली में कब होंगी बैठकें?

1 अप्रैल 2026 को जारी आधिकारिक पत्र के मुताबिक नई दिल्ली में 28, 29 और 30 अप्रैल को बैठकें होंगी। लेकिन इसमें शामिल होना इतना आसान नहीं जितना लगता है। आयोग ने साफ कह दिया है कि जो भी यूनियन या संगठन इन बैठकों में हिस्सा लेना चाहते हैं, उन्हें पहले आयोग की वेबसाइट 8cpc.gov.in पर अपना मेमोरेंडम जमा करना होगा। मेमोरेंडम जमा होने के बाद एक यूनिक मेमो आईडी मिलेगी। उसी आईडी के साथ 20 अप्रैल 2026 तक abhay.sahay@nic.in पर अपॉइंटमेंट के लिए अनुरोध भेजना होगा। बैठक की जगह और समय बाद में बताया जाएगा।

पुणे में 4 और 5 मई को हैं बैठकें

11 अप्रैल 2026 को आयोग ने एक और पत्र जारी किया जिसमें पुणे दौरे की पुष्टि की गई। 4 और 5 मई को पुणे में केंद्र सरकार के संगठनों और यूनियनों से बातचीत होगी। यहां भी वही तरीका लागू है। पहले 8cpc.gov.in पर मेमोरेंडम दर्ज करें, फिर यूनिक मेमो आईडी के साथ 20 अप्रैल तक jha.anandkumar@nic.in पर अपॉइंटमेंट मांगें। जो इस प्रक्रिया से नहीं गुजरेंगे, उन्हें बैठक में जगह नहीं मिलेगी। आयोग ने यह बात बिल्कुल साफ कर दी है।

कंसल्टेंट की भर्ती भी शुरू

बैठकों के साथ-साथ आयोग ने एक और बड़ा कदम उठाया है। 10 अप्रैल 2026 को जारी नोटिस के जरिए कंसल्टेंट पदों पर ठेके के आधार पर भर्ती शुरू की गई है। पूर्णकालिक काम के लिए हर महीने 1.80 लाख रुपये तक मिल सकते हैं। अंशकालिक विकल्प भी उपलब्ध है। आवेदन आयोग की वेबसाइट पर दिए लिंक के जरिए सिर्फ ऑनलाइन होगा। कागजी आवेदन या ईमेल पर भेजे गए फॉर्म मान्य नहीं होंगे। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए यह आयोग उम्मीद की किरण है। अब देखना यह है कि यूनियनें और संगठन इस मौके का कितना फायदा उठा पाते हैं।

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