BCCI का बड़ा एक्शन, एंटी करप्शन यूनिट ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर को भेजा नोटिस, मोबाइल इस्तेमाल करने का ये बड़ा कारण आया सामने

BCCI का बड़ा एक्शन, एंटी करप्शन यूनिट ने राजस्थान रॉयल्स के मैनेजर को भेजा नोटिस, मोबाइल इस्तेमाल करने का ये बड़ा कारण आया सामने

IPL 2026 Rajasthan Royals Romi Bhinder controversy: पहले सीजन की चैंपियन राजस्थान रॉयल्स (RR) के मैनेजर रोमी भिंडर से जुड़ा डगआउट मोबाइल विवाद अब और बड़ा हो गया है। सोमवार को आई एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस मामले में औपचारिक जांच शुरू कर दी है और भिंडर को नोटिस भी थमा दिया गया है। साथ ही यह भी सामने आया है कि फोन इस्तेमाल के पीछे एक मेडिकल इमरजेंसी की वजह हो सकती है।

गुवाहाटी में राजस्थान रॉयल्स (RR) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच पिछले हफ्ते खेले गए मैच में भिंडर को डगआउट में मोबाइल फोन इस्तेमाल करते देखा गया था। आईपीएल के प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया (PMOA) नियमों के तहत टीम मैनेजर सिर्फ ड्रेसिंग रूम में फोन इस्तेमाल कर सकते हैं। डगआउट में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस केवल टीम के तय विश्लेषक को इस्तेमाल करने की इजाजत है।

ACSU ने दिए 48 घंटे

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट और सुरक्षा इकाई (ACSU) ने भिंडर को नोटिस देकर 48 घंटों में जवाब मांगा है। आईपीएल गवर्निंग काउंसिल के चेयरमैन अरुण धूमल ने कहा, “हमने ACSU से इस घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है।”

सेहत की मजबूरी थी, दावा सूत्रों का

हालांकि मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भिंडर का फोन इस्तेमाल किसी मेडिकल जरूरत से जुड़ा था। बताया जा रहा है कि भिंडर पहले भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ चुके हैं। नागपुर में फेफड़ा बैठ जाने की वजह से वो काफी वक्त अस्पताल में रहे थे। ACSU के एक पूर्व अधिकारी ने माना कि मेडिकल वजहों से फोन रखने की छूट तो हो सकती है, लेकिन इस्तेमाल ड्रेसिंग रूम में ही होना चाहिए।

एक अन्य सूत्र ने बताया, “रोमी की सेहत की वजह से उनका वजन 10 किलो से ज्यादा घट गया है। अस्थमा भी है जिसकी वजह से उन्हें ज्यादा चलने या सीढ़ियां चढ़ने से मना किया गया है। वो टीम के साथ कई अहम जिम्मेदारियां निभाते हैं इसलिए नियम-कायदे जानते हैं। फोन उनके पास मेडिकल वजह से था। इसके अलावा वो कोई कॉल नहीं कर रहे थे और न ही कोई कॉल उठा रहे थे, बस स्क्रॉल कर रहे थे। उनके पास वक्त है और वो ACSU के सामने अपना पक्ष रखेंगे।”

सूत्र ने यह भी बताया कि ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए करीब 50 कदम चलने के बाद 20 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं और फिर वापस भी उतरना पड़ता है। यही मजबूरी रही होगी।

वैभव वाला पहलू भी जांच में

विवाद तब और बढ़ा जब वायरल वीडियो में भिंडर के बगल में बैठे वैभव सूर्यवंशी भी उस स्क्रीन की तरफ देखते नजर आए। यह पहलू भी जांच के दायरे में है। अब सबकी नजर ACSU की रिपोर्ट पर है और यह देखना दिलचस्प होगा कि जांच अधिकारी भिंडर की सेहत की मजबूरी को कितना तवज्जो देते हैं।

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