Strait of Hormuz Blockade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज ऑफ स्ट्रेट में नाकेबंदी की धमकी के बाद ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की चेतावनी दी है। स्पीकर ने कहा कि अभी पेट्रोल की कीमतों का आनंद ले लीजिए, क्योंकि इस नाकेबंदी के बाद $4–$5 प्रति गैलन की कीमत भी सस्ती लगेगी।
उन्होंने अपने पोस्ट में एक गणितीय फॉर्मूला भी साझा किया- ΔO_BSOH > 0 ⇒ f(f(O)) > f(O)।
क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकेबंदी लागू करने की घोषणा की। इसके तहत अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों पर आने-जाने वाले जहाजों को टारगेट करेगी। हालांकि, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले गैर-ईरानी जहाजों को फिलहाल अनुमति दी जाएगी।
वार्ता हुई विफल
बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में बातचीत हुई थी। लेकिन करीब 21 घंटे तक चली यह वार्ता विफल रही। दोनों देशों ने वार्ता विफल होने पर एक दूसरे पर आरोप लगाया। ईरान ने कहा कि अमेरिका की मांगें वे थी जो वह युद्ध में हासिल नहीं कर पाया। हालांकि बातचीत का मकसद संघर्ष विराम को आगे बढ़ाना था, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर सहमति नहीं बन सकी।
ट्रंप ने दी चेतावनी
पाकिस्तान में वार्ता विफल होने के बाद ईरान को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मुझे भरोसा है कि ईरान अंततः हमारी सभी शर्तें मान लेगा। उनके पास कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान नहीं झुका तो अमेरिका कड़ा सैन्य कदम उठा सकता है।
ईरान ने किया पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी पर ईरान ने भी पलटवार किया है। ईरानी संसद के स्पीकर ने कहा कि अगर आप युद्ध करेंगे तो हम भी युद्ध करेंगे, और अगर तर्क से बात करेंगे तो हम भी तर्क से जवाब देंगे।
जहाजों की आवाजाही रूकी
इंटेलिजेंस फर्म लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, नवीनतम तनाव बढ़ने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी जहाजों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई है। यह जानकारी एपी (Associated Press) की रिपोर्ट में दी गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि यह गतिविधि तब थम गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषणा की कि अमेरिका इस जलमार्ग पर नाकेबंदी लगाएगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया कि जो दो जहाज पहले से ही इस जलडमरूमध्य से बाहर निकल रहे थे, वे भी इस घोषणा के बाद वापस लौट गए।


