हाईस्कूल न होने से छूट रही पढ़ाई:बाकड़ी में 8वीं पास 34 में से सिर्फ 8 ने लिया 9वीं में एडमिशन; 12 किमी दूर है स्कूल

हाईस्कूल न होने से छूट रही पढ़ाई:बाकड़ी में 8वीं पास 34 में से सिर्फ 8 ने लिया 9वीं में एडमिशन; 12 किमी दूर है स्कूल

बुरहानपुर जिले की नेपानगर तहसील के आदिवासी ग्राम बाकड़ी में हाईस्कूल न होने के कारण छात्र-छात्राएं शिक्षा से वंचित हो रहे हैं। इस साल 8वीं कक्षा में उत्तीर्ण हुए 34 बच्चों (20 में से 6 बालक और 14 में से 2 बालिकाएं) ने ही आगे की पढ़ाई के लिए 12 किलोमीटर दूर ग्राम नावरा के स्कूल में 9वीं कक्षा में प्रवेश लिया है। जनजातीय कार्य विभाग भोपाल के निर्देश पर सहायक आयुक्त भरत जांचपुरे ने जिले के संकुल प्राचार्यों से माध्यमिक शालाओं को हाईस्कूल में उन्नत करने के लिए निर्धारित प्रारूप में प्रस्ताव मांगे हैं, जबकि शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार सहायक आयुक्त अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग कर खुद भी 8वीं कक्षा का 9वीं में उन्नयन कर सकते हैं। 500 से अधिक बच्चे छोड़ चुके हैं पढ़ाई, 2018 में हुई थी घोषणा गांव में पहली से 8वीं तक ही स्कूल संचालित है। 9वीं कक्षा के लिए बच्चों को 5 किमी दूर सीवल या 12 किमी दूर नावरा जाना पड़ता है। दूरी अधिक होने के कारण अधिकांश अभिभावक बालिकाओं को आगे की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेजते। सिर्फ उन्हीं बालिकाओं की पढ़ाई जारी रह पाती है, जिनका चयन उत्कृष्ट या एकलव्य विद्यालय में होता है। पिछले कुछ वर्षों में हाईस्कूल न होने से 200 से अधिक बालिकाएं और 300 से अधिक बालक शिक्षा से वंचित रह चुके हैं। वर्ष 2018 में विधायक मंजू दादू ने ग्राम मांडवा की चुनावी सभा में बाकड़ी में हाईस्कूल खोलने की घोषणा की थी। शिक्षा विभाग ने सर्वे कर जगह भी देखी थी, लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया। सहायक आयुक्त के पास है अधिकार, फिर भी अनदेखी शिक्षा विभाग के सूत्रों के अनुसार, जनजातीय विभाग के सहायक आयुक्त चाहें तो खुद भी कक्षा 8वीं का उन्नयन 9वीं में कर सकते हैं। रमसा (RMSA) ऐसा नहीं कर सकता, इसके बावजूद सहायक आयुक्त स्कूलों से प्रस्ताव मंगवा रहे हैं। नियम का हवाला देने वाले अफसर बाकड़ी की अनदेखी कर रहे हैं, जबकि इससे पहले जिले में पलासुर हाईस्कूल तब खोला गया था, जब वहां दर्ज बच्चों की संख्या महज 8 थी और नावरा से उसकी दूरी सिर्फ 4 किमी है। भातखेड़ा की दूरी भी महज 6 किमी है। इससे पहले जिले में कई छात्रावास और आश्रम बच्चे न मिलने के कारण बंद किए जा चुके हैं, जिसे लेकर विभाग ने आगे प्रयास भी नहीं किए। हाईस्कूल उन्नयन के लिए तय किए गए मापदंड अगस्त माह में स्कूली शिक्षा विभाग ने प्रदेश में नए स्कूल खोलने और उन्नयन के मापदंड तय किए थे। बसाहट से 5 किमी की परिधि में हाईस्कूल की सुविधा न होना। माध्यमिक शालाओं की कक्षा 8वीं में छात्रों की दर्ज संख्या 80 से कम न होना। कक्षा 9वीं में संभावित नामांकन न्यूनतम 30 होना। साल 2001 की जनगणना के अनुसार न्यूनतम जनसंख्या 2000 होना। जिले में स्कूलों की वर्तमान स्थिति हाईस्कूल: जिले में कुल 37 हाईस्कूल हैं। इनमें बुरहानपुर ब्लॉक में 20 और खकनार ब्लॉक में 17 हैं। माध्यमिक स्कूल: जिले में कुल 219 माध्यमिक स्कूल हैं। इनमें बुरहानपुर ब्लॉक में 127 और खकनार ब्लॉक में 92 स्कूल संचालित हैं।

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