चीन के Shi Yu Qi से फाइनल में हारे Ayush Shetty, फिर भी Badminton Asia में Silver से रचा कीर्तिमान

चीन के Shi Yu Qi से फाइनल में हारे Ayush Shetty, फिर भी Badminton Asia में Silver से रचा कीर्तिमान

रविवार को बैडमिंटन एशिया प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय उम्मीदों को झटका लगा, जहां युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी खिताब जीतने से एक कदम दूर रह गए। उन्हें चीन के शीर्ष खिलाड़ी शी यू क़ी के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा है।मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले में शी यू क़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और करीब 40 मिनट में 21-8, 21-10 से जीत दर्ज की है। गौरतलब है कि विश्व नंबर दो खिलाड़ी शी यू क़ी ने इस जीत के साथ एशियाई खिताब अपने नाम किया और अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।हालांकि हार के बावजूद आयुष शेट्टी का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में बेहद प्रभावशाली रहा है। बता दें कि 20 वर्षीय खिलाड़ी ने इस प्रतियोगिता में कई बड़े उलटफेर करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया, जिससे वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 20 के करीब पहुंच सकते हैं।गौरतलब है कि आयुष शेट्टी 61 साल बाद पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले दिनेश खन्ना ने 1965 में खिताब जीता था, जो अब तक इस स्पर्धा में भारत का एकमात्र पुरुष एकल स्वर्ण है।मौजूद जानकारी के अनुसार, आयुष ने इस प्रतियोगिता में कई दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर अपनी पहचान मजबूत की है। उन्होंने शुरुआती दौर में चीन के ली शी फेंग को हराया, जबकि क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को कड़े मुकाबले में मात दी है।सेमीफाइनल में उन्होंने मौजूदा चैंपियन और विश्व नंबर एक कुनलावुत वितिदसर्न के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की, जो उनके करियर की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है।बता दें कि इस पूरे टूर्नामेंट में आयुष ने तीन शीर्ष दस खिलाड़ियों को हराकर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। हालांकि फाइनल में वह अपने प्रदर्शन को दोहराने में सफल नहीं हो सके, लेकिन उनका यह सफर भारतीय बैडमिंटन के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष शेट्टी का यह प्रदर्शन आने वाले समय में भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है और लंबे समय से चले आ रहे स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करने की उम्मीद भी जगा रहा है। 

रविवार को बैडमिंटन एशिया प्रतियोगिता के फाइनल में भारतीय उम्मीदों को झटका लगा, जहां युवा खिलाड़ी आयुष शेट्टी खिताब जीतने से एक कदम दूर रह गए। उन्हें चीन के शीर्ष खिलाड़ी शी यू क़ी के खिलाफ सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले में शी यू क़ी ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और करीब 40 मिनट में 21-8, 21-10 से जीत दर्ज की है। गौरतलब है कि विश्व नंबर दो खिलाड़ी शी यू क़ी ने इस जीत के साथ एशियाई खिताब अपने नाम किया और अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली है।
हालांकि हार के बावजूद आयुष शेट्टी का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में बेहद प्रभावशाली रहा है। बता दें कि 20 वर्षीय खिलाड़ी ने इस प्रतियोगिता में कई बड़े उलटफेर करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया, जिससे वह विश्व रैंकिंग में शीर्ष 20 के करीब पहुंच सकते हैं।
गौरतलब है कि आयुष शेट्टी 61 साल बाद पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले दिनेश खन्ना ने 1965 में खिताब जीता था, जो अब तक इस स्पर्धा में भारत का एकमात्र पुरुष एकल स्वर्ण है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, आयुष ने इस प्रतियोगिता में कई दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर अपनी पहचान मजबूत की है। उन्होंने शुरुआती दौर में चीन के ली शी फेंग को हराया, जबकि क्वार्टर फाइनल में इंडोनेशिया के जोनाथन क्रिस्टी को कड़े मुकाबले में मात दी है।
सेमीफाइनल में उन्होंने मौजूदा चैंपियन और विश्व नंबर एक कुनलावुत वितिदसर्न के खिलाफ शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की, जो उनके करियर की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है।
बता दें कि इस पूरे टूर्नामेंट में आयुष ने तीन शीर्ष दस खिलाड़ियों को हराकर अपनी क्षमता का लोहा मनवाया है। हालांकि फाइनल में वह अपने प्रदर्शन को दोहराने में सफल नहीं हो सके, लेकिन उनका यह सफर भारतीय बैडमिंटन के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष शेट्टी का यह प्रदर्शन आने वाले समय में भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है और लंबे समय से चले आ रहे स्वर्ण पदक के इंतजार को खत्म करने की उम्मीद भी जगा रहा है।

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