Bastar Business Opportunities: बस्तर के अंतिम छोर भोपालपटनम में बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें नक्सल प्रभाव कम होने के बाद क्षेत्र में व्यापार और उद्योग की नई संभावनाओं पर व्यापक चर्चा हुई। बैठक में चेंबर के पदाधिकारियों और स्थानीय व्यापारियों ने भाग लेकर क्षेत्रीय विकास से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
Bastar Business Opportunities: सदस्यता अभियान चलाने का संकल्प
बैठक को संबोधित करते हुए चेंबर अध्यक्ष श्याम सोमानी ने कहा कि बस्तर में अब सकारात्मक माहौल बन रहा है, जिससे व्यापार और उद्योग के नए अवसर तेजी से सामने आएंगे। उन्होंने व्यापारियों से एकजुट होकर संगठित शक्ति के रूप में कार्य करने और आपसी सहयोग से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की अपील की। श्याम सोमानी ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए नए सदस्यों को जोड़ने पर जोर देते हुए सदस्यता अभियान चलाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि मजबूत संगठन ही व्यापारियों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठा सकता है।
मां भद्रकाली मंदिर में की पूजा
बैठक के बाद चेंबर अध्यक्ष श्याम सोमानी ने मां भद्रकाली मंदिर में दर्शन कर क्षेत्र की समृद्धि की कामना की और व्यापारियों से संगठन के साथ जुड़कर आर्थिक विकास में भागीदारी निभाने की अपील की। इस अवसर पर बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष मोहम्मद इरशाद खान, नरेश राठी, प्रेम कुमार, तेज नारायण ङ्क्षसह,जी. मुरली, अनिल जनम, रामू गुप्ता, मुरली चांडक, पी. श्रीनिवास, पी. राजेश, मिनाज अहमद, संजय ङ्क्षसह, पी. नंदूकुमार, मद्देड से चित्तापुरी पुरुषोत्तम, हेमंत तिवारी, चित्तापुरी प्रवीण, पी. सचिन, पी. वेंकटेश सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
Bastar Business Opportunities: जीएसटी समस्याओं पर चर्चा
बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी से जुड़ी जटिलताओं को प्रमुखता से उठाया। वरिष्ठ उपाध्यक्ष विमल बोथरा ने कहा कि छोटे और मध्यम व्यापारियों को जीएसटी नियमों के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके समाधान के लिए बीजापुर जिले में विशेष कार्यशाला आयोजित करने की घोषणा की गई, जिसमें अधिकारियों द्वारा नियमों की जानकारी और समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
निवेश और उद्योग की संभावनाएं
बैठक में व्यापारियों की एकता और संगठन को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। चेंबर पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारियों की सामूहिक शक्ति से क्षेत्र में निवेश, परिवहन, भंडारण और नए उद्योगों की संभावनाएं बढ़ेगी। साथ ही स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए समन्वित प्रयास करने की आवश्यकता बताई गई।


