AI summit protest: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में एआई समिट के दौरान हुए शर्टलेस प्रदर्शन से जुड़े मामले पर सुनवाई हुई। यहां अदालत ने भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के नेशनल इंचार्ज की अग्रिम जमानत याचिका पर विचार किया। सुनवाई के दौरान पक्ष की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने मनीष शर्मा को राहत देने का फैसला लिया, लेकिन इसके साथ ही उनके सामने कुछ शर्तें रखी गई, जिनको पालन करना उनके लिए अनिवार्य होगा।
कोर्ट की शर्तें
कोर्ट ने मनीष शर्मा को 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत के साथ कुछ शर्तें रखी हैं। कोर्ट की शर्तों के अनुसार, मनीष शर्मा बिना कोर्ट की इजाजत के देश से बाहर नहीं जा सकते। उन्हें अपना मोबाइल नंबर और पता जांच अधिकारी को देना होगा। अगर ये बदलते हैं, तो तुरंत इसकी जानकारी देनी होगी। साथ ही, उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना होगा। उन्हें जब भी बुलाया जाएगा, उन्हें आना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि इन शर्तों का मकसद है कि जांच पर कोई असर न पड़े।
साथ ही कोर्ट ने एक और शर्त रखी जिसके अनुसार वह किसी भी गवाह के साथ संपर्क में नहीं आ सकते हैं। कोर्ट का मानना है कि गवाह के साथ किसी भी तरह का दबाव या प्रभाव जांच प्रक्रिया को प्रभावित करेगा।
AI समिट के दौरान क्या हुआ था?
दिल्ली के भारत मंडपम में एआई समिट चल रहा था। उसी दौरान हाई सिक्योरिटी एरिया में कुछ लोग घुस गए और उनमें से कई ने शर्ट उतारकर विरोध जताया। उस समय वहां 12 लोग थे, जिनमें से 9 लोगों ने शर्ट उतारकर विरोध किया था। इस घटना के बाद वहां हड़कंप मच गया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया था और मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी।
IYC नेता मनीष शर्मा पर आरोप
पुलिस के अनुसार यह घटना उस कार्यक्रम में हुई, जिसमें 100 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया था। यह भारत का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम था। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन का उद्देश्य इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की छवि को नुकसान पहुंचाना था। वहीं जांच एजेंसियों का कहना है कि मनीष शर्मा इस पूरे मामले के मुख्य साजिशकर्ता हैं। उनके अनुसार वह भारतीय युवा कांग्रेस के नेशनल इंचार्ज होने के कारण इस प्रदर्शन की योजना में अहम भूमिका निभा रहे थे। पुलिस ने बताया कि घटना से पहले एक रेस्टोरेंट में बैठक हुई थी, जिसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास है। वहां उन्होंने और भी लोगों को प्रदर्शन के लिए बुलाया और इसके लिए कई स्तर पर मीटिंग्स की गई थीं।


