जयपुर में लड़की से छेड़छाड़ का वायरल वीडियो केस, नाम पता है घर भी मालूम…फिर भी मनराज-सुदामा को क्यों नहीं पकड़ पाई पुलिस?

जयपुर: मुहाना थाना क्षेत्र में बाइक सवार लड़की से छेड़छाड़ के मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं।

हालांकि, पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन अब तक उन्हें दबोचा नहीं जा सका है। थानाधिकारी गुर भूपेंद्र सिंह के अनुसार, आरोपियों की पहचान टोंक निवासी मनराज मीणा और सुदामा मीणा के रूप में हुई है। दोनों ही आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस का दावा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीम गठित की गई है और उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही दोनों आरोपी पुलिस की हिरासत में होंगे।

पीड़िता के बयान दर्ज करने की तैयारी

पुलिस ने अब पीड़िता को विस्तृत पूछताछ और बयान दर्ज करवाने के लिए थाने बुलाया है। पुलिस का मानना है कि पीड़िता के बयानों के आधार पर जांच को और अधिक मजबूती मिलेगी।

दूसरी ओर, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस की सुस्त कार्रवाई के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते, तो आरोपी अब तक सलाखों के पीछे होते।

वीडियो पर सियासत भी गरम

मामले को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह घटना असामाजिक सोच का उदाहरण है और प्रदेश में कानून का डर खत्म होता दिख रहा है। गहलोत ने यह भी सवाल उठाया कि वीडियो वायरल होने के बावजूद आरोपी अब तक पकड़े क्यों नहीं गए।

उन्होंने कहा कि जब राजधानी में ऐसी स्थिति है, तो बाकी प्रदेश का अंदाजा लगाया जा सकता है। गहलोत ने यह भी कहा कि ऐसा लगता है कि प्रदेश को एक पूर्णकालिक गृह मंत्री की जरूरत है, क्योंकि मुख्यमंत्री दौरे में व्यस्त रहते हैं। वहीं, कांग्रेस की ओर से भी इस मुद्दे को उठाया गया और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए।

रील के चक्कर में न भूलें ‘रियल’ कानून

बाइक सवार युवती से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद राजस्थान पुलिस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से सख्त चेतावनी देते हुए कहा, रील बनाने के चक्कर में लोग रियल कानून को न भूलें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वीडियो का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस की बड़ी कार्रवाई और तकनीक का सहारा

पुलिस के अनुसार, मुखबिरों और तकनीकी टीम की मदद से आरोपियों मनराज मीणा और सुदामा मीणा (निवासी टोंक) की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। पुलिस ने न केवल आरोपियों की तलाश तेज कर दी है, बल्कि घटना में इस्तेमाल बाइक की पहचान कर उसकी आरसी भी सस्पेंड कर दी है। पुलिस की सोशल मीडिया टीम 24 घंटे सक्रिय है, ताकि ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत लगाम लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश

इस गंभीर मामले पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपराध नियंत्रण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह घटना सिर्फ ‘रील’ के लिए फिल्माई गई थी या वास्तविक छेड़छाड़ थी? इसका खुलासा आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद ही होगा, लेकिन इस घटना ने प्रदेश में महिला सुरक्षा की बहस को एक बार फिर गरमा दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *