राजधानी लखनऊ में भोजपुरी संस्कृति और परंपरा का संगम देखने को मिला। अखिल भारतीय भोजपुरी समाज ने कैंट विधानसभा क्षेत्र के आलमबाग स्थित सामुदायिक केंद्र में स्नेह मिलन, भोजपुरी भोज, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने किया। उन्होंने भोजपुरी भाषा और संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की और समाज की एकजुटता को सराहा। भोजपुरी संस्कृति की झलक साफ नजर आई सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कलाकारों ने भोजपुरी गीत-संगीत और लोक कला की शानदार प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों में भोजपुरी संस्कृति की झलक साफ नजर आई।कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय के हाथों प्रदान किया गया। राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय ने बताया कि संगठन पिछले 42 वर्षों से भोजपुरी भाषा, संस्कृति, लोक कला और साहित्य के संरक्षण के लिए प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि छठ महापर्व को राष्ट्रीय अवकाश घोषित कराने और भोजपुरी भाषा को संवैधानिक दर्जा दिलाने की मांग लगातार उठाई जा रही है। उन्होंने इस अभियान को आगे भी मजबूती से जारी रखने की बात कही। ये रहे मौजूद कार्यक्रम की अध्यक्षता शिव गोपाल मिश्रा ने की, जबकि अखिल भारतीय भोजपुरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रभुनाथ राय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वेद प्रकाश राय विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर शामिल हुए। आयोजन की जिम्मेदारी संयोजक अदित सिंह और सह संयोजक कपिल देव कुशवाहा, विक्रम कुशवाहा तथा लोकेश मिश्रा ने संभाली। कार्यक्रम का संचालन विरेन्द्र कुमार और सुरेन्द्र कुमार ने किया।


