दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में मारपीट हुई है। विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में कार्यरत एक कार्यालय सहायक की ओर से विभागाध्यक्ष पर जूते से हमला हुआ है। ये पूरी वारदात विभाग में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अनुरंजन अपने चेंबर में मौजूद थे। इसी दौरान कार्यालय सहायक अनिल कुमार वहां पहुंचे। प्रारंभिक बातचीत के बाद अचानक उन्होंने अपना जूता निकालकर विभागाध्यक्ष पर हमला कर दिया। बीच-बचाव के लिए आए अन्य कर्मचारी पर भी आरोपी ने जूते से वार किया। घटना के समय चेंबर में एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति भी मौजूद थे, जो सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे हैं। विवाद की जड़ 7 अप्रैल की घटना है, जब अनिल कुमार किसी मुद्दे को लेकर विभागाध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे। उस समय व्यस्तता के कारण उन्हें बाद में आने को कहा गया, जिससे वे नाराज हो गए और हंगामा किया। इसके बाद 8 अप्रैल को विभागाध्यक्ष की ओर से स्पष्टीकरण नोटिस जारी किए जाने पर मामला और बढ़ गया, जिसके बाद यह हमला हुआ। पीड़ित डॉ. अनुरंजन ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी की ओर से उन्हें एससी/एसटी एक्ट में झूठा फंसाने की धमकी दी गई है। कुलसचिव ने कहा- मामले की लिखित शिकायत मिली इधर, विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हंसदा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की लिखित शिकायत मिली हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच, विभागाध्यक्ष डॉ. अनुरंजन ने कार्यपालक सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि कई लोगों की उपस्थिति मे अचानक ऊंची आवाज में हंगामा करने लगे।
डॉ. अनुरंजन के अनुसार, उन्होंने अनिल से शांति बनाए रखने और क्रम से अपनी बात रखने का अनुरोध किया, लेकिन इसके बावजूद वह गाली-गलौज करने लगे और उकसाने का प्रयास करते रहे। आरोप है कि अनिल ने जूता निकालकर फेंकने की कोशिश की और उनकी ओर बढ़े, जिसे मौके पर मौजूद कर्मी उदय कुमार ने रोक लिया। विभागाध्यक्ष ने बताया कि इस पूरी घटना की जानकारी उन्होंने तत्काल कुलपति को दी और विश्वविद्यालय थाना व वरीय पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की अनुशासनहीनता अस्वीकार्य है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर में मारपीट हुई है। विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग में कार्यरत एक कार्यालय सहायक की ओर से विभागाध्यक्ष पर जूते से हमला हुआ है। ये पूरी वारदात विभाग में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। भूगोल विभागाध्यक्ष डॉ. अनुरंजन अपने चेंबर में मौजूद थे। इसी दौरान कार्यालय सहायक अनिल कुमार वहां पहुंचे। प्रारंभिक बातचीत के बाद अचानक उन्होंने अपना जूता निकालकर विभागाध्यक्ष पर हमला कर दिया। बीच-बचाव के लिए आए अन्य कर्मचारी पर भी आरोपी ने जूते से वार किया। घटना के समय चेंबर में एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति भी मौजूद थे, जो सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दे रहे हैं। विवाद की जड़ 7 अप्रैल की घटना है, जब अनिल कुमार किसी मुद्दे को लेकर विभागाध्यक्ष से मिलने पहुंचे थे। उस समय व्यस्तता के कारण उन्हें बाद में आने को कहा गया, जिससे वे नाराज हो गए और हंगामा किया। इसके बाद 8 अप्रैल को विभागाध्यक्ष की ओर से स्पष्टीकरण नोटिस जारी किए जाने पर मामला और बढ़ गया, जिसके बाद यह हमला हुआ। पीड़ित डॉ. अनुरंजन ने विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी की ओर से उन्हें एससी/एसटी एक्ट में झूठा फंसाने की धमकी दी गई है। कुलसचिव ने कहा- मामले की लिखित शिकायत मिली इधर, विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हंसदा ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की लिखित शिकायत मिली हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसी बीच, विभागाध्यक्ष डॉ. अनुरंजन ने कार्यपालक सहायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।उन्होंने कहा कि कई लोगों की उपस्थिति मे अचानक ऊंची आवाज में हंगामा करने लगे।
डॉ. अनुरंजन के अनुसार, उन्होंने अनिल से शांति बनाए रखने और क्रम से अपनी बात रखने का अनुरोध किया, लेकिन इसके बावजूद वह गाली-गलौज करने लगे और उकसाने का प्रयास करते रहे। आरोप है कि अनिल ने जूता निकालकर फेंकने की कोशिश की और उनकी ओर बढ़े, जिसे मौके पर मौजूद कर्मी उदय कुमार ने रोक लिया। विभागाध्यक्ष ने बताया कि इस पूरी घटना की जानकारी उन्होंने तत्काल कुलपति को दी और विश्वविद्यालय थाना व वरीय पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विश्वविद्यालय जैसे शैक्षणिक संस्थान में इस तरह की अनुशासनहीनता अस्वीकार्य है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।


