Ayush Shetty ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को दी मात, एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई जगह

Ayush Shetty ने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी को दी मात, एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में बनाई जगह

भारत के आयुष शेट्टी ने दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी कुनलावुत विटिडसर्न को हराकर बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जह बना ली है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी जीत है। 20 वर्षीय आयुष ने शनिवार को निंगबो में एक गेम से पिछड़ने के बाद वापीस करते हुए 10-21, 21-19, 21-17 से एक यादगार जीत दर्ज की। इसी के साथ भारत का 61 साल का इंतजार खत्म होने से महज एक जीत दूर है। भारत ने सिंगल में पिछले 61 साल से चैंपियनशिप नहीं जीती है। दिनेश खन्ना इस खिताब को जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं। उन्होंने 1965 में इस चैंपियनशिप में मेंस सिंगल्स कैटेगरी का गोल्ड जीता था।  सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 2023 में खिताब जीता था। अमेरिकी ओपन सुपर 300 चैम्पियन आयुष का सामना अब चीनी ताइपै के चौथी वरीयता प्राप्त चोउ तियेन चेन या दूसरी वरीयता प्राप्त चीन के शि यू की से होगा। आयुष ने फाइनल तक के सफर में एक भी गेम नहीं गंवाया था। वितिदसर्न ने उन्हें आर्कटिक ओपन में पिछले साल सीधे गेम में हराया था। वितिदसर्न ने शुरूआत में 4-0 की बढत बना ली। ब्रेक के समय स्कोर 11-5 था और पहला गेम उन्होंने आसानी से जीत लिया। दूसरे गेम में आयुष ने दमदार वापसी की और कूदकर स्मैश लगाते हुए 3-1 की बढत बनाई। यह जल्दी ही 7-1 की हो गई चूंकि वितिदसर्न ने कई सहज गलतियां की। ब्रेक के समय स्कोर 11-4 था। आयुष ने बीच में कुछ गलतियां की जिससे वितिदसर्न ने 13-11 से वापसी की लेकिन जल्दी ही क्रॉसकोर्ट स्मैश से वापसी करते हुए स्कोर 16-11 कर लिया। बैकहैंड पर फ्लिक से आयुष ने छह अंक बनाये और दूसरा गेम अपने नाम किया।तीसरे गेम में उन्होंने 4-1 से शुरूआत की और वितिदसर्न को दबाव में ला दिया। उनकी बढत 17-10 की हो गई और आक्रामक स्ट्रोक्स से वह 19-13 से आगे हो गए। इसके बाद लगातार मैच प्वाइंट बनाकर उन्होंने जीत दर्ज की।  

भारत के आयुष शेट्टी ने दुनिया के नंबर 1 खिलाड़ी कुनलावुत विटिडसर्न को हराकर बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जह बना ली है। ये उनके करियर की सबसे बड़ी जीत है। 20 वर्षीय आयुष ने शनिवार को निंगबो में एक गेम से पिछड़ने के बाद वापीस करते हुए 10-21, 21-19, 21-17 से एक यादगार जीत दर्ज की। इसी के साथ भारत का 61 साल का इंतजार खत्म होने से महज एक जीत दूर है। भारत ने सिंगल में पिछले 61 साल से चैंपियनशिप नहीं जीती है। दिनेश खन्ना इस खिताब को जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं। उन्होंने 1965 में इस चैंपियनशिप में मेंस सिंगल्स कैटेगरी का गोल्ड जीता था।

  सात्विक साइराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 2023 में खिताब जीता था। अमेरिकी ओपन सुपर 300 चैम्पियन आयुष का सामना अब चीनी ताइपै के चौथी वरीयता प्राप्त चोउ तियेन चेन या दूसरी वरीयता प्राप्त चीन के शि यू की से होगा। आयुष ने फाइनल तक के सफर में एक भी गेम नहीं गंवाया था। वितिदसर्न ने उन्हें आर्कटिक ओपन में पिछले साल सीधे गेम में हराया था। वितिदसर्न ने शुरूआत में 4-0 की बढत बना ली। ब्रेक के समय स्कोर 11-5 था और पहला गेम उन्होंने आसानी से जीत लिया। 

दूसरे गेम में आयुष ने दमदार वापसी की और कूदकर स्मैश लगाते हुए 3-1 की बढत बनाई। यह जल्दी ही 7-1 की हो गई चूंकि वितिदसर्न ने कई सहज गलतियां की। ब्रेक के समय स्कोर 11-4 था। आयुष ने बीच में कुछ गलतियां की जिससे वितिदसर्न ने 13-11 से वापसी की लेकिन जल्दी ही क्रॉसकोर्ट स्मैश से वापसी करते हुए स्कोर 16-11 कर लिया। बैकहैंड पर फ्लिक से आयुष ने छह अंक बनाये और दूसरा गेम अपने नाम किया।

तीसरे गेम में उन्होंने 4-1 से शुरूआत की और वितिदसर्न को दबाव में ला दिया। उनकी बढत 17-10 की हो गई और आक्रामक स्ट्रोक्स से वह 19-13 से आगे हो गए। इसके बाद लगातार मैच प्वाइंट बनाकर उन्होंने जीत दर्ज की। 

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