बांदा में शादी के दूसरे दिन दुल्हन जेवर और नकदी लेकर फरार हो गई। इस मामले में दुल्हन समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना बिसंडा थाना क्षेत्र के अकौना गांव की है। पीड़ित फुलुवा विश्वकर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। गांव के ही शिवकुमार ने उनके बेटे दुलीचंद्र की शादी कराने का झांसा दिया था। इसके लिए 30 दिसंबर 2025 को उनसे 50 हजार रुपये लिए गए। शिवकुमार ने लड़की को फतेहपुर का निवासी बताया था और दुल्हन को गांव लाकर शादी कराने का भरोसा दिलाया था। फुलुवा विश्वकर्मा के अनुसार, उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद परिवार ने शिवकुमार पर विश्वास किया। शादी की तैयारियों में जेवर बनवाए गए और लगभग 30 हजार रुपये के कपड़े भी खरीदे गए। तीन जनवरी 2026 को दुल्हन अपने कथित भाई राजू और मौसी के साथ गांव पहुंची। अगले दिन, चार जनवरी को शादी संपन्न हुई, जिससे घर में खुशी का माहौल था। पांच जनवरी तक तीनों मेहमान घर में ही रुके रहे, जिससे परिवार को किसी प्रकार का शक नहीं हुआ। पांच जनवरी की रात, जब परिवार के सभी सदस्य सो गए, तब दुल्हन घर में रखे जेवर और नकदी लेकर चुपचाप फरार हो गई। सुबह जब स्वजन की नींद खुली तो दुल्हन, उसका भाई और मौसी तीनों गायब थे। घर से करीब दो लाख रुपये के जेवर और 20 हजार रुपये नकद भी गायब मिले। पीड़ित फुलुवा विश्वकर्मा जब शिवकुमार के घर पहुंचे, तो वह भी गायब मिला और सभी के मोबाइल फोन बंद थे। इससे यह स्पष्ट हो गया कि यह पूरी घटना एक सुनियोजित ठगी थी। पीड़ित ने तत्काल बिसंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन शुरुआत में सुनवाई नहीं हुई। अंततः, सीओ बबेरू के आदेश पर देर रात पुलिस ने दुल्हन, उसके भाई, मौसी और गवाह शिवकुमार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।


