भास्कर न्यूज | बेगूसराय त्वरित और सुलभ न्याय की दिशा में 9 मई को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कमर कस ली है। शुक्रवार को एडीआर भवन स्थित सचिव कक्ष में सभी न्यायिक दंडाधिकारियों की एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणा निधि प्रसाद आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित सुलहनीय मामलों की पहचान प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि नोटिस की तामील प्रक्रिया में पारा लीगल वॉलंटियर की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक पक्षकार समय पर लोक अदालत में उपस्थित हो सकें। आर्य ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार समय सीमित है, इसलिए कार्य की गति को दोगुना करना होगा। उनका फोकस सिर्फ मामलों के निपटारे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे आम लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने का एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यदि सभी अधिकारी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ काम करें, तो यह लोक अदालत जिले में एक मिसाल बन सकती है। बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कविता कुमारी, सब जज प्रथम विवेक कुमार, सब जज चतुर्थ सुशांत कुमार, सब जज पंचम रंजन कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी सलेहा सबीना एवं अर्चना कुमारी सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सहायक कर्मी इन्द्रशेन शर्मा, सौरभ कुमार और सीजेएम कार्यालय के नालसी क्लर्क अभिनव कुमार भी बैठक में शामिल हुए। भास्कर न्यूज | बेगूसराय त्वरित और सुलभ न्याय की दिशा में 9 मई को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने कमर कस ली है। शुक्रवार को एडीआर भवन स्थित सचिव कक्ष में सभी न्यायिक दंडाधिकारियों की एक रणनीतिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन को लेकर स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश करुणा निधि प्रसाद आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित सुलहनीय मामलों की पहचान प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि नोटिस की तामील प्रक्रिया में पारा लीगल वॉलंटियर की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि अधिक से अधिक पक्षकार समय पर लोक अदालत में उपस्थित हो सकें। आर्य ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार समय सीमित है, इसलिए कार्य की गति को दोगुना करना होगा। उनका फोकस सिर्फ मामलों के निपटारे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे आम लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने का एक बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि यदि सभी अधिकारी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ काम करें, तो यह लोक अदालत जिले में एक मिसाल बन सकती है। बैठक में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कविता कुमारी, सब जज प्रथम विवेक कुमार, सब जज चतुर्थ सुशांत कुमार, सब जज पंचम रंजन कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी सलेहा सबीना एवं अर्चना कुमारी सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सहायक कर्मी इन्द्रशेन शर्मा, सौरभ कुमार और सीजेएम कार्यालय के नालसी क्लर्क अभिनव कुमार भी बैठक में शामिल हुए।


