जयपुर में राष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिता, 12 अप्रैल तक होगा आयोजन, 60 से ज्यादा टीमें लेंगी हिस्सा

जयपुर में राष्ट्रीय स्तर की मूट कोर्ट प्रतियोगिता, 12 अप्रैल तक होगा आयोजन, 60 से ज्यादा टीमें लेंगी हिस्सा

जयपुर। विवेकानन्द ग्लोबल विश्वविद्यालय, जगतपुरा में विधि विभाग द्वारा रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में पंचम वीजीयू रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन 10 से 12 अप्रैल के बीच विश्वविद्यालय परिसर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता डॉ. एन. एम. रांका, वरिष्ठ अधिवक्ता, राजस्थान उच्च न्यायालय की पावन स्मृति में प्रतिवर्ष आयोजित की जाती है। इस प्रतियोगिता का संचालन न्यायमूर्ति जे. के. रांका के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में निरंतर किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विधि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना और उन्हें न्यायिक प्रक्रियाओं से अवगत कराना है, ताकि वे भविष्य में बेहतर विधि पेशेवर बन सके।

प्रतियोगिता का उद्घाटन समारोह 10 अप्रैल को आयोजित होगा, जिसमें न्यायमूर्ति गोविन्द माथुर, सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं भरत व्यास, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल, भारत सरकार (राजस्थान उच्च न्यायालय) एवं वरिष्ठ अधिवक्ता, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाएंगे।

इस वर्ष की प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों से 60 से अधिक टीमें भाग ले रही हैं। इनमें नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सहित कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी शामिल हैं, जो अपने तर्क-वितर्क, कानूनी ज्ञान और शोध क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता के दौरान प्रतिभागियों को वास्तविक न्यायालयीन माहौल का अनुभव कराने के लिए मूट कोर्ट की कार्यवाही आयोजित की जाएगी, जिसमें वे वकील और न्यायाधीश की भूमिकाएं निभाएंगे।

समापन समारोह 12 अप्रैल को आयोजित होगा, जिसमें न्यायमूर्ति नागेन्द्र कुमार जैन, पूर्व मुख्य न्यायाधीश, मद्रास उच्च न्यायालय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। साथ ही प्रोफेसर सतीश सी. शास्त्री, निदेशक, विधि विभाग, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी, गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शिरकत करेंगे।

यह प्रतियोगिता विधि विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी, जहां वे अपने वाद-विवाद कौशल, अनुसंधान क्षमता और न्यायिक समझ को विकसित कर सकेंगे। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को न केवल प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण मिलता है, बल्कि वे अपने आत्मविश्वास और पेशेवर दक्षता को भी मजबूत करते हैं।

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