शिवहर में जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में लू (हीट वेव) और अग्निकांड से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में हुई इस बैठक में हीट वेव और अग्निकांड से बचाव के लिए संबंधित विभागों को प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए गए। बैठक में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में ठीक किया जाए। नल-जल योजना में लीकेज की समस्याओं का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। अग्निकांड की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिए गए। उन्हें कहा गया कि आगजनी की सूचना मिलते ही 30 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ORS रखें स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ओआरएस (ORS) तथा आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अस्पतालों में कोल्ड रूम, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए। शिक्षा विभाग को बंद पड़े चापाकलों की सूची शीघ्र लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही बच्चों में लू और एईएस (AES) से बचाव हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया। कुएं-तालाबों की सूची DRDA को उपलब्ध कराएं इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निष्क्रिय कुएं और तालाबों की सूची तैयार कर डीआरडीए (DRDA) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गर्मी और आपदा की स्थिति में सभी विभागों को समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करना होगा, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिवहर में जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में लू (हीट वेव) और अग्निकांड से संबंधित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में हुई इस बैठक में हीट वेव और अग्निकांड से बचाव के लिए संबंधित विभागों को प्रभावी अनुपालन के निर्देश दिए गए। बैठक में पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यपालक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को निर्देश दिया गया कि जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पड़े चापाकलों को एक सप्ताह के भीतर हर हाल में ठीक किया जाए। नल-जल योजना में लीकेज की समस्याओं का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। अग्निकांड की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिए गए। उन्हें कहा गया कि आगजनी की सूचना मिलते ही 30 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाया जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ORS रखें स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन को सभी स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में ओआरएस (ORS) तथा आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। अस्पतालों में कोल्ड रूम, चिकित्सक और नर्सिंग स्टाफ की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए। शिक्षा विभाग को बंद पड़े चापाकलों की सूची शीघ्र लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही बच्चों में लू और एईएस (AES) से बचाव हेतु व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया। कुएं-तालाबों की सूची DRDA को उपलब्ध कराएं इसके अतिरिक्त, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में निष्क्रिय कुएं और तालाबों की सूची तैयार कर डीआरडीए (DRDA) को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गर्मी और आपदा की स्थिति में सभी विभागों को समन्वय के साथ तत्परता से कार्य करना होगा, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।


