बेगूसराय में अहम की लड़ाई में हुई थी हत्या:मुख्य आरोपी मुंगेर से गिरफ्तार, कट्टा बरामद; मर्डर से पहले हुई थी मारपीट

बेगूसराय में अहम की लड़ाई में हुई थी हत्या:मुख्य आरोपी मुंगेर से गिरफ्तार, कट्टा बरामद; मर्डर से पहले हुई थी मारपीट

बेगूसराय के परिहारा थाना क्षेत्र में 5 अप्रैल को बिरजू सहनी की हत्या हुई थी। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी किशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। किशन परिहारा का ही रहने वाला है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी बरामद कर लिया गया है। बखरी डीएसपी कुंदन कुमार ने बताया कि बिरजू और किशन के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। स्थानीय भाषा में इसे हम बड़े तो हम बड़े की लड़ाई कहा जा रहा है। घटना से कुछ समय पहले किशन के गुट के लड़कों ने बिरजू के गुट के एक लड़के की पिटाई कर दी थी। हत्या से पहले हुई थी मारपीट बिरजू लगातार किशन से पैर पकड़कर माफी मांगने का दबाव बना रहा था। इसी अपमान का बदला लेने के लिए किशन ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बिरजू की हत्या की साजिश रची। हत्या वाले दिन शाम को दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प, हाथापाई और मारपीट हुई थी। जिसमें बिरजू सहनी और उसके साथी किशन पर भारी पड़ गए। जब किशन को लगा कि वह और उसके साथी घिर गए हैं, तो उसने अपना पिस्तौल निकाला और बिरजू की गर्दन के पास गोली मार दी। इसके अलावा मृतक के पेट पर चाकू से भी वार किया गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बिरजू की हत्या के बाद किशन फरार हो गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह मुंगेर में छिपा हुआ है। मुंगेर से आज आरोपी को पकड़ा एसपी के निर्देशन में परिहार थानाध्यक्ष और उनकी टीम ने लगातार छापेमारी की और मुंगेर जाकर आज अहले सुबह किशन को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान किशन ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अपने साथियों के नाम भी बताए है। किशन की निशानदेही पर सुहागी पुल के पास बनी झोपड़ी से हत्या में प्रयुक्त कट्टा बरामद किया गया है। डीएसपी ने बताया कि मृतक और मुख्य आरोपी परिहारा गांव के ही रहने वाले हैं। मृतक बिरजू राजेन्द्र सहनी का बेटा था। जबकि आरोपी किशन कुमार अशोक महतो का बेटा है। बिरजू बेंगलुरु के राइस मिल में काम करता था। लेकिन गांव आने पर वह अपना वर्चस्व कायम करना चाहता था। इसी को लेकर लड़ाई होती थी और अब हत्या हो गई। दोनों परिवारों में पुरानी दुश्मनि घटना के समय मौजूद किशन के तीन अन्य सहयोगी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। डीएसपी ने बताया कि 2015 में हुई बिरजू के पिता की हत्या हुई थी। जिससे दोनों परिवारों में पुरानी दुश्मनी है। इसमें एक आरोपी को सजा सुनाई गई, जबकि दूसरा विदेश भाग गया है। पिता की हत्या में बिरजू मुख्य गवाह था, लेकिन बिरजू की हत्या में उस घटना का कोई संबंध नहीं है। बेगूसराय के परिहारा थाना क्षेत्र में 5 अप्रैल को बिरजू सहनी की हत्या हुई थी। पुलिस ने इस मामले के मुख्य आरोपी किशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। किशन परिहारा का ही रहने वाला है। उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया देसी कट्टा भी बरामद कर लिया गया है। बखरी डीएसपी कुंदन कुमार ने बताया कि बिरजू और किशन के बीच लंबे समय से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। स्थानीय भाषा में इसे हम बड़े तो हम बड़े की लड़ाई कहा जा रहा है। घटना से कुछ समय पहले किशन के गुट के लड़कों ने बिरजू के गुट के एक लड़के की पिटाई कर दी थी। हत्या से पहले हुई थी मारपीट बिरजू लगातार किशन से पैर पकड़कर माफी मांगने का दबाव बना रहा था। इसी अपमान का बदला लेने के लिए किशन ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर बिरजू की हत्या की साजिश रची। हत्या वाले दिन शाम को दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़प, हाथापाई और मारपीट हुई थी। जिसमें बिरजू सहनी और उसके साथी किशन पर भारी पड़ गए। जब किशन को लगा कि वह और उसके साथी घिर गए हैं, तो उसने अपना पिस्तौल निकाला और बिरजू की गर्दन के पास गोली मार दी। इसके अलावा मृतक के पेट पर चाकू से भी वार किया गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बिरजू की हत्या के बाद किशन फरार हो गया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह मुंगेर में छिपा हुआ है। मुंगेर से आज आरोपी को पकड़ा एसपी के निर्देशन में परिहार थानाध्यक्ष और उनकी टीम ने लगातार छापेमारी की और मुंगेर जाकर आज अहले सुबह किशन को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान किशन ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अपने साथियों के नाम भी बताए है। किशन की निशानदेही पर सुहागी पुल के पास बनी झोपड़ी से हत्या में प्रयुक्त कट्टा बरामद किया गया है। डीएसपी ने बताया कि मृतक और मुख्य आरोपी परिहारा गांव के ही रहने वाले हैं। मृतक बिरजू राजेन्द्र सहनी का बेटा था। जबकि आरोपी किशन कुमार अशोक महतो का बेटा है। बिरजू बेंगलुरु के राइस मिल में काम करता था। लेकिन गांव आने पर वह अपना वर्चस्व कायम करना चाहता था। इसी को लेकर लड़ाई होती थी और अब हत्या हो गई। दोनों परिवारों में पुरानी दुश्मनि घटना के समय मौजूद किशन के तीन अन्य सहयोगी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। डीएसपी ने बताया कि 2015 में हुई बिरजू के पिता की हत्या हुई थी। जिससे दोनों परिवारों में पुरानी दुश्मनी है। इसमें एक आरोपी को सजा सुनाई गई, जबकि दूसरा विदेश भाग गया है। पिता की हत्या में बिरजू मुख्य गवाह था, लेकिन बिरजू की हत्या में उस घटना का कोई संबंध नहीं है।  

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