शेखपुरा में शुक्रवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभागार में हुई, जिसका मुख्य विषय जिले की प्राचीन पांडुलिपियों का संरक्षण और उनके डिजिटलीकरण था। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के गौरवशाली इतिहास और दुर्लभ दस्तावेजों को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर भविष्य के लिए सुरक्षित करना है। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जिले के विभिन्न धार्मिक, शैक्षणिक और निजी संस्थानों में मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। समुदाय की व्यापक भागीदारी का आह्वान किया जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए समुदाय की व्यापक भागीदारी का आह्वान किया है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति, पुराने विद्यालय, महाविद्यालय, मठ-मंदिर, मस्जिद-मजार या निजी संग्राहक के पास प्राचीन पांडुलिपियां, ऐतिहासिक दस्तावेज या दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध हैं और वे उनके संरक्षण या डिजिटलीकरण में रुचि रखते हैं, तो वे जिला प्रशासन से संपर्क करें। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी बैठक में उप विकास आयुक्त संजय कुमार, डीसीएलआर मृत्युंजय कुमार, निदेशक डी.आर.डी.ए प्रशांत कुमार और जिला खेल पदाधिकारी उपस्थित थे। इनके अतिरिक्त, विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, मठों, मंदिरों, मस्जिदों, मजार शरीफों, इबादतखानों और पुस्तकालयों के सदस्य एवं प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। शेखपुरा में शुक्रवार को जिलाधिकारी शेखर आनंद की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभागार में हुई, जिसका मुख्य विषय जिले की प्राचीन पांडुलिपियों का संरक्षण और उनके डिजिटलीकरण था। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के गौरवशाली इतिहास और दुर्लभ दस्तावेजों को आधुनिक तकनीक का उपयोग कर भविष्य के लिए सुरक्षित करना है। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि जिले के विभिन्न धार्मिक, शैक्षणिक और निजी संस्थानों में मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियों का संरक्षण वर्तमान समय की आवश्यकता है। समुदाय की व्यापक भागीदारी का आह्वान किया जिला प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए समुदाय की व्यापक भागीदारी का आह्वान किया है। जिलाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति, पुराने विद्यालय, महाविद्यालय, मठ-मंदिर, मस्जिद-मजार या निजी संग्राहक के पास प्राचीन पांडुलिपियां, ऐतिहासिक दस्तावेज या दुर्लभ पुस्तकें उपलब्ध हैं और वे उनके संरक्षण या डिजिटलीकरण में रुचि रखते हैं, तो वे जिला प्रशासन से संपर्क करें। मौके पर मौजूद रहे अधिकारी बैठक में उप विकास आयुक्त संजय कुमार, डीसीएलआर मृत्युंजय कुमार, निदेशक डी.आर.डी.ए प्रशांत कुमार और जिला खेल पदाधिकारी उपस्थित थे। इनके अतिरिक्त, विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, मठों, मंदिरों, मस्जिदों, मजार शरीफों, इबादतखानों और पुस्तकालयों के सदस्य एवं प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।


