Pentastomiasis: आज के युग में ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जिन्हें हम सोचते हैं कि असंभव हैं। हाल ही में एक महिला का ऐसा ही मामला सामने आया है कि छींक के साथ उसकी नाक से जीवित कीड़े बाहर निकलने लगे। जांच में पता चला कि यह पेंटास्टोमियासिस (Pentastomiasis) संक्रमण है।
अब आप सोच रहे होंगे कि यह कैसे संभव है। जी हां, यह संक्रमण सांपों और छिपकलियों में पाया जाता है, लेकिन अब यह इंसानों के लिए भी खतरा बन रहा है। आइए डॉक्टर राहुल यादव की पत्रिका से विशेष बातचीत के आधार पर जानते हैं कि यह क्या होता है? इसके कारण और लक्षण क्या हैं और इस संक्रमण से बचने के लिए हमें क्या करना चाहिए?
क्या होता है पेंटास्टोमियासिस (Pentastomiasis)?
यह एक परजीवी संक्रमण है जो पेंटास्टोमिडा नामक जीव के कारण होता है। ये जीव मुख्य रूप से सांपों के फेफड़ों में रहते हैं। जब इंसान इन अंडों के संपर्क में आता है या दूषित फल, सब्जियों या पानी का सेवन कर लेता है, तो ये अंडे पेट में जाकर फूटते हैं और शरीर के अन्य अंगों जैसे फेफड़ों या नाक के छिद्रों तक पहुंच जाते हैं। यह संक्रमण बहुत दुर्लभ है, लेकिन अगर यह हो जाए, तो इसकी मृत्यु दर बहुत अधिक होती है।
पेंटास्टोमियासिस के प्रमुख लक्षण क्या होते हैं?
- नाक के अंदर खुजली होना।
- बार-बार छींक आना।
- छींक के साथ कीड़े बाहर निकलना।
- सांस लेने में तकलीफ होना।
Pentastomiasis के प्रमुख कारण क्या होते हैं?
- बिना धोएं सब्जियों सेवन करना।
- संक्रमित जानवरों या रेप्टाइल्स का कच्चा मांस खाना।
- बिना हाथ धोए खाना खा लेना ।
पेंटास्टोमियासिस से बचने के उपाय
- सब्जी और फल को गुनगुने नमक वाले पानी से अच्छी तरह धोएं।
- जितना हो सके कच्चा मांस का सेवन न करें।
- खाना बनाने और खाना खाने से पहले साबुन से हाथ धोना।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह किसी क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। इसलिए पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


