चंदौली जिले के नियामताबाद ब्लॉक स्थित महेवा गांव के ग्रामीणों ने शुक्रवार को विकास कार्यों की अनदेखी और बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले लगभग पांच वर्षों से गांव में टूटी सड़कें, जर्जर नालियां और जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिस पर प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, नहर से मऊई गांव तक की सड़क और नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। खराब रास्तों के कारण आए दिन बच्चे, बुजुर्ग और वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। नालियों की उचित व्यवस्था न होने से पूरे क्षेत्र में गंदगी और जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। महेवा गांव के निवासियों ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी (DM), एसडीएम, बीडीओ, ग्राम प्रधान और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को कई बार लिखित शिकायतें दी हैं। हर बार उन्हें 10-20 दिनों में कार्य शुरू होने का आश्वासन मिला, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। महेवा गांव निवासी महेंद्र प्रसाद सोनकर ने बताया कि नहर से मऊई गांव तक की सड़क और नालियां पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। शिवभजन चौहान ने आरोप लगाया कि वे पिछले चार वर्षों से नाली निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी हर बार बजट की कमी का हवाला देकर मामले को टाल देते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बड़े आयोजनों में करोड़ों खर्च होते हैं, तो गांव की मूलभूत समस्याओं के लिए धन क्यों नहीं मिलता। गांव की निवासी नंदनी ने बताया कि नालियों की खराब स्थिति के कारण हर जगह गंदा पानी भरा रहता है, जिसमें फिसलकर वह खुद घायल हो चुकी हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे एक बड़ा आंदोलन करने और आगामी चुनावों का बहिष्कार करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में बीडीओ रूबेन शर्मा ने बताया कि कार्य योजना के अनुसार लगातार कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं कोई समस्या है, तो वे लिखित आवेदन कर सकते हैं।


