राजगीर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार:18 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक क्रिटिकल केयर ब्लॉक; ट्रेंड कर्मियों की होगी भर्ती

राजगीर में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार:18 करोड़ की लागत से बनेगा हाईटेक क्रिटिकल केयर ब्लॉक; ट्रेंड कर्मियों की होगी भर्ती

पर्यटन नगरी राजगीर अब न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और खेल सुविधाओं के लिए जानी जाएगी, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यह एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगी। राज्य स्वास्थ्य समिति ने राजगीर में एक अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वपूर्ण कदम से न केवल स्थानीय निवासियों को, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, पुलिस अकादमी के जवानों और नवनिर्मित खेल अकादमी के खिलाड़ियों को भी आपातकालीन स्थिति में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए बिहार चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। लगभग 45 मीटर लंबे और 35 मीटर चौड़े क्षेत्र में बनने वाला यह अस्पताल भवन 50 बेड की क्षमता से लैस होगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां हार्ट अटैक, गंभीर संक्रमण और अन्य जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को त्वरित और विशेषज्ञ उपचार मिलेगा। वर्तमान में राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय और पुलिस अकादमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान होने के कारण एक उन्नत स्वास्थ्य केंद्र की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसे अब इस परियोजना के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। अस्पताल के ढांचे को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें गहन चिकित्सा की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा जा सके। वेंटिलेटर, सीरिंज पंप, पोर्टेबल एक्स-रे की सुविधा सुविधाओं की बात करें तो इस 50 बेड वाले ब्लॉक में 10 बेड की एक विशेष आईसीयू यूनिट होगी, जिसमें बच्चों के लिए चार पीडियाट्रिक बेड आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा, 10 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट उन मरीजों के लिए समर्पित होगी जिन्हें सामान्य वार्ड से कहीं अधिक निगरानी की दरकार होती है। इमरजेंसी के लिए 10 बेड, आइसोलेशन वार्ड के लिए 10 बेड और डायलिसिस की सुविधा हेतु चार बेड सहित अन्य आवश्यक वार्डों का प्रावधान किया गया है। अत्याधुनिक उपकरणों के मामले में भी यह केंद्र बेजोड़ होगा, जहां वेंटिलेटर, सीरिंज पंप, पोर्टेबल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी जैसी मशीनें 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली की जाएगी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत संचालित होने वाली इस योजना में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन पर भी विशेष जोर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक के सुचारू संचालन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष बहाली की जाएगी। विशेषज्ञों की मौजूदगी और हाई-टेक मशीनों के समन्वय से राजगीर में गंभीर मरीजों के जीवन की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। यह ब्लॉक आने वाले समय में क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जिससे गंभीर स्थिति में मरीजों को अब बड़े शहरों की ओर भागने की मजबूरी नहीं रहेगी। पर्यटन नगरी राजगीर अब न केवल अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और खेल सुविधाओं के लिए जानी जाएगी, बल्कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यह एक बड़े केंद्र के रूप में उभरेगी। राज्य स्वास्थ्य समिति ने राजगीर में एक अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के इस महत्वपूर्ण कदम से न केवल स्थानीय निवासियों को, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों, पुलिस अकादमी के जवानों और नवनिर्मित खेल अकादमी के खिलाड़ियों को भी आपातकालीन स्थिति में विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी। इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए बिहार चिकित्सा सेवा एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। लगभग 45 मीटर लंबे और 35 मीटर चौड़े क्षेत्र में बनने वाला यह अस्पताल भवन 50 बेड की क्षमता से लैस होगा। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि यहां हार्ट अटैक, गंभीर संक्रमण और अन्य जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को त्वरित और विशेषज्ञ उपचार मिलेगा। वर्तमान में राजगीर में नालंदा विश्वविद्यालय और पुलिस अकादमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थान होने के कारण एक उन्नत स्वास्थ्य केंद्र की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसे अब इस परियोजना के माध्यम से पूरा किया जा रहा है। अस्पताल के ढांचे को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें गहन चिकित्सा की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा जा सके। वेंटिलेटर, सीरिंज पंप, पोर्टेबल एक्स-रे की सुविधा सुविधाओं की बात करें तो इस 50 बेड वाले ब्लॉक में 10 बेड की एक विशेष आईसीयू यूनिट होगी, जिसमें बच्चों के लिए चार पीडियाट्रिक बेड आरक्षित रहेंगे। इसके अलावा, 10 बेड की हाई डिपेंडेंसी यूनिट उन मरीजों के लिए समर्पित होगी जिन्हें सामान्य वार्ड से कहीं अधिक निगरानी की दरकार होती है। इमरजेंसी के लिए 10 बेड, आइसोलेशन वार्ड के लिए 10 बेड और डायलिसिस की सुविधा हेतु चार बेड सहित अन्य आवश्यक वार्डों का प्रावधान किया गया है। अत्याधुनिक उपकरणों के मामले में भी यह केंद्र बेजोड़ होगा, जहां वेंटिलेटर, सीरिंज पंप, पोर्टेबल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड और ईसीजी जैसी मशीनें 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी। स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली की जाएगी प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत संचालित होने वाली इस योजना में केवल तकनीक ही नहीं, बल्कि मानव संसाधन पर भी विशेष जोर दिया गया है। सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह ने बताया कि इस क्रिटिकल केयर ब्लॉक के सुचारू संचालन के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित नर्सों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की विशेष बहाली की जाएगी। विशेषज्ञों की मौजूदगी और हाई-टेक मशीनों के समन्वय से राजगीर में गंभीर मरीजों के जीवन की रक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। यह ब्लॉक आने वाले समय में क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे के लिए मील का पत्थर साबित होगा, जिससे गंभीर स्थिति में मरीजों को अब बड़े शहरों की ओर भागने की मजबूरी नहीं रहेगी।  

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