शांतिपूर्ण तरीके से शुरु हुई सेंट्रल मार्किट की सीलिंग की कार्रवाई शाम होते होते हंगामेदार हो गई। यहां किसी बात को लेकर व्यापारियों के दो गुट आमने सामने आ गए। सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने ले जाकर बैठा दिया गया। पहले एक नजर मामले पर
सेंट्रल मार्किट में बुधवार को सीलिंग की कार्रवाई चली। सुबह से लेकर शाम तक व्यापारी विरोध जताते रहे। शाम चार बजे तक लगभग सभी प्रतिष्ठान सील हो गए लेकिन कुछ ऐसे थे जो कानूनी पेचीदगी के कारण अपने आप को सुरक्षित मान रहे थे। एकबारगी सीलिंग का काम देख रही टीम काफी देर काम्पलेक्स को आवासीय बताती रही। उसका काम्पलैक्स को सीज करने का मन ही नहीं था। शिकायत के बाद पहुंची टीम
दरअसल, यह पूरा मामला साहिल प्लाजा से जुड़ा था। इसके मालिक महिपाल सिंह हैं। बेटा राहुल त्यागी पेशे से अधिवक्ता है। बुधवार को टीम इनके प्रतिष्ठान पर आकर रक गई। यह दूसरा मौका था जब टीम को यहां भेजा गया। आखिरकार ऊपर का आफिस खाली कराना पड़ा। किशोर वाधवा पर शिकायत का शक
जिस वक्त यह कार्रवाई हो रही थी, उस वक्त क्षेत्रीय व्यापारी किशोर वाधवा भी मौजूद थे। उन्हें देखकर साहिल प्लाजा के संचालक महिपाल सिंह आक्रोशित हो गए। दरअसल, उन्हें शक था कि आवास विकास परिषद में किशोर वाधवा ने ही शिकायत की है। सीओ ने अकेले संभाली स्थिति
महिपाल पक्ष और किशोर वाधवा के बीच विवाद नोकझोंक से हुआ और नौबत मारपीट तक पहुंच गई। देखते ही देखते अफरातफरी मच गई। सीओ अभिषेक तिवारी को हस्तक्षेप करना पड़ा। उनके सामने भी एक पक्ष जोर जोर से बोलकर दिखा रहा था। सीओ ने उन्हें शांत किया। खूब फटकार भी लगाई। इसके बाद मामला शांत होता चला गया।


