बीएचयू के डिप्टी चीफ प्राक्टर प्रो. श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। उनके फैसले का स्वागत विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया और उनके विभाग पहुंचकर उनका समर्थन किया। दरअसल ,प्राक्टोरियल बोर्ड के भीतर लंबे समय से सुलग रही असंतोष की चिंगारी अब खुलकर सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ हालिया निर्णयों और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच गहरी असहमति बनी हुई थी। लंबे समय से चल रहे इस गतिरोध का अंत अंततः प्रो. त्रिपाठी के पद त्याग के रूप में हुआ। उनको विश्वविद्यालय मुझे लगातार अपमानित किया गया: प्रो. श्रीकृष्ण त्रिपाठी संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए विश्वविद्यालय के चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप पोखरिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था, जिसके कारण उनके लिए बोर्ड में काम करना असंभव हो गया था। वर्ष 2023 में डिप्टी चीफ प्राक्टर नियुक्त किए गए डा. श्रीकृष्ण ने बताया कि हाल ही में घोषित नई कमेटी में भी उन्हें शामिल किया गया था। चीफ प्राक्टर द्वारा मुझे बार-बार अपमानित किया जा रहा था। कुलपति को भी पूरे मामले की जानकारी दी यह अपमान केवल व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि मेरी कार्यशैली और सिद्धांतों पर प्रहार था। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा छात्रों के अधिकारों और उनके हितों के लिए खड़ा रहा हूं, जबकि प्रशासन की कुछ नीतियां छात्रों के खिलाफ थीं। इसी विरोध के कारण मुझे निशाना बनाया गया और अपमानित करने की कोशिश की गई। डा. त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के बारे में कुलपति को भी विस्तार से अवगत कराया था। इस संबंध में चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।


