स्नेक बाइट वाले एंटी वेनम का नशे में इस्तेमाल:1 करोड़ की खेप जब्त, सरकारी कर्मियों की भूमिका की जांच; नेपाल बॉर्डर तक फैला नेटवर्क

राजधानी पटना के अगमकुंआ इलाके में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। भगवत नगर स्थित एक मकान में छापेमारी कर पुलिस ने करीब 1 करोड़ रुपए की नशीली दवाएं बरामद की हैं। 6 अप्रैल को गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस को 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन और 5,537 यूनिट कोडीन युक्त कफ सिरप मिले हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक और एंटी-वेनम जैसी दवाएं भी बरामद की गईं। गुप्त सूचना की गई छापेमारी गुप्त सूचना के आधार पर 6 अप्रैल को पटना पुलिस ने भगवत नगर इलाके में स्थित अजय कुमार के मकान में छापेमारी की थी। इस दौरान मकान से एक करोड़ की नशीली दवा बरामद की गई थी। इसमें विभिन्न कंपनियों के लगभग 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन, विभिन्न कंपनियों के कोडीन युक्त कफ सिरप के लगभग 5,537 यूनिट शामिल थे। मकान से कदमकुआं का रहने वाला जयंत कुमार (35 वर्ष) पकड़ा गया था। नशीली दवा के साथ एक गिरफ्तार, दूसरा फरार पटना पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि, ‘जयंत कुमार और नीरज कुमार ने किराए पर अजय कुमार से रुम लिया था। जयंत को गिरफ्तार कर लिया गया है। जयंत शराब के कारोबार में पूर्व में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद नीरज के साथ मिलकर नशीली दवा की कारोबार पर शामिल हो गया था। अलग-अलग कंपनी के कोडिन युक्त कफ सिरप (गुजरात, हिमाचल और उत्तराखंड निर्मित) मिले हैं। बहुत सारी स्नैक बाइट की एंटी वैनम, एंटी बायोटीक दवा मिली है।’ दो FIR दर्ज, ट्रांसपोर्ट कंपनी भी कार्रवाई संभव पूर्वी एसपी कुमार ने बताया कि, ‘इस मामले में एनडीपीएस एक्ट और सरकारी दवा की चोरी समेत दो FIR दर्ज की गई है। इसमें कहीं ना कहीं ट्रांसपोर्ट कंपनी की भी संलिप्तता है। इसकी भी जांच की जा रही है। भूमिका निकलकर सामने आने पर उन पर भी केस दर्ज किया जाएगा।’ 10 सालों से अवैध दवा का कारोबार नीरज अपने पार्टनर कुंदन और जयंत के साथ मिलकर पिछले 10 सालों से नशीली दवा का कारोबार कर रहा है। सप्लाई चैन नेपाल बॉर्डर इलाके तक फैला है। पुलिस जांच में यह बात निकाल कर सामने आई है कि नशे के तौर पर एंटी वेनम का भी इस्तेमाल हो रहा था। जयंत ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि, नीरज अस्पताल और सरकारी कर्मियों की मदद से एक्सपायर दवा खरीदना था और उसकी भी रीपैकेजिंग करके फिर इस्तेमाल करता था। राजधानी पटना के अगमकुंआ इलाके में नशीली दवाओं के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। भगवत नगर स्थित एक मकान में छापेमारी कर पुलिस ने करीब 1 करोड़ रुपए की नशीली दवाएं बरामद की हैं। 6 अप्रैल को गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस को 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन और 5,537 यूनिट कोडीन युक्त कफ सिरप मिले हैं। इसके अलावा एंटीबायोटिक और एंटी-वेनम जैसी दवाएं भी बरामद की गईं। गुप्त सूचना की गई छापेमारी गुप्त सूचना के आधार पर 6 अप्रैल को पटना पुलिस ने भगवत नगर इलाके में स्थित अजय कुमार के मकान में छापेमारी की थी। इस दौरान मकान से एक करोड़ की नशीली दवा बरामद की गई थी। इसमें विभिन्न कंपनियों के लगभग 9,370 यूनिट नशीले इंजेक्शन, विभिन्न कंपनियों के कोडीन युक्त कफ सिरप के लगभग 5,537 यूनिट शामिल थे। मकान से कदमकुआं का रहने वाला जयंत कुमार (35 वर्ष) पकड़ा गया था। नशीली दवा के साथ एक गिरफ्तार, दूसरा फरार पटना पूर्वी एसपी परिचय कुमार ने बताया कि, ‘जयंत कुमार और नीरज कुमार ने किराए पर अजय कुमार से रुम लिया था। जयंत को गिरफ्तार कर लिया गया है। जयंत शराब के कारोबार में पूर्व में जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद नीरज के साथ मिलकर नशीली दवा की कारोबार पर शामिल हो गया था। अलग-अलग कंपनी के कोडिन युक्त कफ सिरप (गुजरात, हिमाचल और उत्तराखंड निर्मित) मिले हैं। बहुत सारी स्नैक बाइट की एंटी वैनम, एंटी बायोटीक दवा मिली है।’ दो FIR दर्ज, ट्रांसपोर्ट कंपनी भी कार्रवाई संभव पूर्वी एसपी कुमार ने बताया कि, ‘इस मामले में एनडीपीएस एक्ट और सरकारी दवा की चोरी समेत दो FIR दर्ज की गई है। इसमें कहीं ना कहीं ट्रांसपोर्ट कंपनी की भी संलिप्तता है। इसकी भी जांच की जा रही है। भूमिका निकलकर सामने आने पर उन पर भी केस दर्ज किया जाएगा।’ 10 सालों से अवैध दवा का कारोबार नीरज अपने पार्टनर कुंदन और जयंत के साथ मिलकर पिछले 10 सालों से नशीली दवा का कारोबार कर रहा है। सप्लाई चैन नेपाल बॉर्डर इलाके तक फैला है। पुलिस जांच में यह बात निकाल कर सामने आई है कि नशे के तौर पर एंटी वेनम का भी इस्तेमाल हो रहा था। जयंत ने पुलिस की पूछताछ में बताया है कि, नीरज अस्पताल और सरकारी कर्मियों की मदद से एक्सपायर दवा खरीदना था और उसकी भी रीपैकेजिंग करके फिर इस्तेमाल करता था।  

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