झालावाड़ का 189वां स्थापना दिवस समारोह शुरू:पूर्व नरेश भवानीसिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ आगाज

झालावाड़ का 189वां स्थापना दिवस समारोह शुरू:पूर्व नरेश भवानीसिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुआ आगाज

झालावाड़ में जयराज पार्क में पूर्व नरेश महाराज राणा भवानीसिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर 189वें झालावाड़ स्थापना दिवस का शुभारंभ हुआ।
पर्यटन विकास समिति की ओर से मंगलवार सुबह 8 बजे यह आगाज किया गया। इस दौरान कई लोग मौजूद रहे। समिति संयोजक ओम पाठक ने कार्यक्रम में कहा कि झालावाड़ की संस्कृति और इतिहास पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां विश्व स्तरीय ऐतिहासिक धरोहरें मौजूद हैं, जिनके संरक्षण की आज अत्यंत आवश्यकता है।
उन्होंने इन धरोहरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, ताकि विश्व भर से पर्यटक बड़ी संख्या में यहां आ सकें और झालावाड़ के इतिहास व संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। ऐतिहासिक धरोहरों के सामने शिलालेख लगाए जाने की मांग
इतिहासकार ललित शर्मा ने पूर्व नरेश भवानीसिंह की ओर से झालावाड़ में किए गए कार्यों और निर्मित धरोहरों की जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा विभाग को स्कूली छात्रों को इन स्थलों का भ्रमण करवाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोग अपने इतिहास को जान सकें। शर्मा ने यह भी मांग की कि ऐतिहासिक धरोहरों के सामने शिलालेख लगाए जाने चाहिए। पार्क और प्रतिमा की दुर्दशा पर चिंता जताई
पूर्व इंजीनियर के.सी. अग्रवाल ने महाराजा राणा भवानीसिंह के नाम पर बने पार्क और जयराज पार्क में स्थापित उनकी प्रतिमा की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों नागरिक सुबह-शाम घूमने और योग करने आते हैं, लेकिन इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है। अग्रवाल ने दोनों पार्कों में सुधारात्मक कार्य करने की मांग की। ऐतिहासिक धरोहरों की बिगड़ते हालात को सुधारने की मांग
इस अवसर पर मंजीत सिंह कुशवाह, कुशाग्र सिंह चौहान, जयदीप सिंह झाला, डॉ. नंदसिंह राठौड़, भगवती प्रकाश मेहरा, सूरजकरण नागर, नफीस शेख, भूपेंद्र अग्रवाल, राजेंद्र जोशी, भूपेंद्र पाण्डेय, जितेंद्र गौड़, अलीम बेग, लक्ष्मीकांत पहाड़िया, दीपक स्वामी, बाबूलाल पाल, गौतम भट्ट, देवकीनंदन सोनी, धर्मेंद्र सिंह, शैलेंद्र जैन, बद्रीलाल प्रजापति, महेंद्र शर्मा और मुकीम सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने झालावाड़ के पार्कों और ऐतिहासिक धरोहरों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

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