UP बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा और मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है। परीक्षा में शामिल तमाम परीक्षार्थियों के विवरणों में त्रुटि होने की जानकारी यूपी बोर्ड कार्यालय तक पहुंची है। इस स्थिति को देखते हुए लंबित प्रकरणों में सुधार कराने का अंतिम अवसर दिया गया है। बता दें कि इस संशोधन के लिए फरवरी में परीक्षा शुरू होने के ठीक पहले तक भी अवसर दिया गया था। UP बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की ओर से इस संबंध में वाराणसी के क्षेत्रीय अपर सचिव व जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर अवगत कराया गया है नाम व पिता के नाम पर मिली है ज्यादा त्रुटि क्षेत्रीय अपर सचिव वाराणसी, विनोद कुमार राय के अनुसार, छात्र-छात्राओं के हिंदी में नाम, अंग्रेजी में स्पेलिंग, पिता के नाम में ज्यादा त्रुटियां मिल रही हैं। दरअसल, छात्र-छात्राएं संशोधन के लिए यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों में भटकते हैं या फिर आनलाइन आवेदन कर उसे संशोधित कराते हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा दे चुके छात्र-छात्राओं को त्रुटिहीन अंकपत्र/प्रमाणपत्र देने के लिए परीक्षा संपन्न होने के बाद भी संशोधन का अवसर दिया है। त्रुटि संशोधन के प्रकरण 10 अप्रैल तक जिला विद्यालय निरीक्षक से प्राप्त करने के निर्देश क्षेत्रीय अपर सचिवों को दिए गए हैं। संशोधन की कार्यवाही सर्वोच्च प्राथमिकता पर कराने के लिए कहा है। DIOS को देना होगा एफिडेविट क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों को सभी डीआइओएस से इस आशय का प्रमाणपत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके जनपद में किसी परीक्षार्थी के विवरण में अब कोई त्रुटि शेष नहीं है। इसी तरह क्षेत्रीय अपर सचिवों को भी प्रमाणित करना होगा कि उनके परिक्षेत्र में कोई भी संशोधन नहीं बचा है।


