सोनभद्र के घोरावल ब्लॉक में किसानों की जमीन अधिग्रहण की अफवाह पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्या किसानों से मिलने पहुंचे। बैठक के दौरान किसानों के तीखे सवालों से नाराज होकर विधायक सभा छोड़कर चले गए। लोहरा, तकिया और बट गांव के किसानों की जमीन उद्योगपतियों को दिए जाने की खबर से इलाके में बेचैनी है। इस चर्चा के बाद स्थानीय किसानों ने एक संघर्ष समिति का गठन किया और कई बैठकें कर रणनीति बनाई। किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट जाकर जिलाधिकारी को एक मांग पत्र भी सौंपा था, जिसमें स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई थी। अधिग्रहण की बात को अफवाह बताया
सरकार और प्रशासन की बेरुखी से नाराज किसानों से मिलने आज क्षेत्र के विधायक डॉ. अनिल कुमार मौर्या पहुंचे थे। शुरुआत में बातचीत सौहार्दपूर्ण ढंग से चल रही थी। माहौल तब तल्ख हो गया जब विधायक अनिल मौर्या ने अधिग्रहण की बात को अफवाह बताया। इस पर कुछ किसानों ने उनसे लिखित में यह बात देने या प्रशासन से दिलवाने की मांग की। विधायक ने इस पर नाराजगी जताई, तो वहां मौजूद कई लोगों ने उनसे सीधा सवाल किया कि जब सब कुछ अफवाह था, तो इतने दिनों से वह कहां थे। किसानों ने कहा कि लोग खाना-पीना छोड़कर परेशान हैं, ऐसे में क्षेत्रीय विधायक के तौर पर उनकी क्या जिम्मेदारी बनती है। आश्वासन देकर मौके से गए
मामला तल्ख देखकर संघर्ष समिति के सदस्यों ने स्थिति को शांत कराया और विधायक के सामने प्रशासन द्वारा स्थिति स्पष्ट करवाने की मांग रखी। विधायक ने इसे स्वीकार करते हुए जिलाधिकारी से बात कर स्थिति स्पष्ट करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक अपने प्रतिनिधियों के साथ मौके से चले गए। आज की इस घटना के बाद किसानों को यह आश्वासन जरूर मिला कि जल्द ही प्रशासन द्वारा इस ‘अफवाह’ से पर्दा उठाया जाएगा। हालांकि, जब तक उन्हें सही जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक उनकी चिंता बनी हुई है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।


