जैसलमेर शहर के व्यस्ततम यूनियन चौराहे पर बीती रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक टायर-ट्यूब पंचर की दुकान में भीषण आग लग गई। आग ने कुछ ही देर में इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पास की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि पुलिस की रात्रि गश्त टीम की सजगता से एक बड़ा हादसा टल गया और दो युवकों की जान बच गई। आग ने पास के एक बंद पड़े ढाबे को भी अपनी चपेट में ले लिया। 4 फायर ब्रिगेड ने 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया। पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा घटनाक्रम के अनुसार, आग बीती रात करीब 1 बजे टायर-ट्यूब पंचर की दुकान में लगी थी, जिसके बाहर छपरे (शेड) के नीचे दो युवक सो रहे थे। आग की लपटें तेजी से फैल रही थीं और सो रहे युवकों को इसकी भनक तक नहीं थी। इसी दौरान कोतवाली थाने की रात्रि गश्ती टीम वहां से गुजरी। आग की लपटें देख टीम ने तुरंत फुर्ती दिखाई और छपरे में सो रहे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस की इस तत्परता ने दो जिंदगियां बचा लीं। 4 घंटे की मशक्कत, 4 फायर ब्रिगेड आग की सूचना मिलते ही कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को सूचित किया। नगर परिषद और सिविल डिफेंस की कुल चार फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। टायरों की आग होने के कारण लपटें काफी ऊंची उठ रही थीं और काला धुआं फैल गया था। करीब 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर पूरी तरह काबू पाया। सालों की मेहनत खाक, पड़ोस की दुकान को भी नुकसान इस अग्निकांड में रवि कुमार की पिछले 15 वर्षों से संचालित टायर-ट्यूब पंचर की दुकान पूरी तरह जलकर राख हो गई। पीड़ित दुकानदार के अनुसार, दुकान में रखा सारा सामान नष्ट हो गया है। इसके अलावा, आग ने पास में स्थित अगरसिंह सोढा के ढाबे (रोटियों की दुकान) को भी अपनी चपेट में लिया, जिससे वहां भी काफी नुकसान हुआ है। हालांकि, यह ढाबा पिछले काफी समय से बंद था। आग के कारणों की जांच जारी यूनियन चौराहे जैसी प्राइम लोकेशन पर हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम ने बताया कि फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था। नुकसान का आकलन किया जा रहा है।


