फर्रुखाबाद में शनिवार देर शाम तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश और ओलावृष्टि हुई। इस दौरान जिलेभर में कई स्थानों पर पेड़ और विद्युत पोल गिर गए, जिससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई और यातायात भी प्रभावित हुआ। बारिश और ओलों से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। मौसम में यह बदलाव शनिवार देर शाम अचानक आया, जब पहले तेज हवाएं चलीं और फिर आसमान में बादल छा गए। खुदागंज क्षेत्र में ओले भी गिरे। फर्रुखाबाद-दिल्ली मार्ग पर गमगमा के पास एक पेड़ गिरने से यह मार्ग लगभग डेढ़ घंटे तक बाधित रहा। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पेड़ को हटाया। वन दरोगा राकेश तिवारी ने बताया कि क्षेत्र में दो अन्य स्थानों पर भी पेड़ गिरे थे, जिनकी सफाई का कार्य रात 2 बजे तक चलता रहा। नवाबगंज विकासखंड के ग्राम पंचायत ज्योना में तेज आंधी से एक नीम का पेड़ विनोद सिंह के मकान की दीवार पर गिर गया, जिससे दीवार क्षतिग्रस्त हो गई। इसी गांव में राजेश शर्मा की टीन शेड भी तेज हवा में गिर गई, जिसमें उनकी एक भैंस दब गई। तेज आंधी के कारण नवाबगंज क्षेत्र में विद्युत लाइनों पर पेड़ की टहनियां टूटकर गिर गईं, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कुल 120 गांवों में लगभग 12 घंटे तक बिजली बाधित रही। जरारी पावर हाउस से जुड़े 20 गांवों की आपूर्ति भी प्रभावित हुई। रात में टॉर्च की रोशनी में लाइनों की पेट्रोलिंग की गई। 33000 वोल्ट की लाइन को रात 12 बजे चालू किया गया, हालांकि सुबह 8 बजे तक 120 गांवों की आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई थी। रसूलपुर में एक पेड़ ट्रांसफार्मर पर गिर गया, जिससे खंभे सहित ट्रांसफार्मर सड़क पर आ गया। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में भी तेज हवा के कारण टहनियां सड़कों पर टूटकर गिरीं, जिससे यातायात बाधित हुआ। तेज हवा के साथ बारिश होने से फैसले भी प्रभावित हुई। खुदागंज में ओले गिरने से गेहूं और मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। गांव उमरपुर में एक किसान की 5 बीघा मक्का की फसल गिर गई। बताया गया इससे काफी नुकसान हुआ है।
खेत में गेहूं को सुखाने के लिए पलट रहे महेश ने बताया आंधी पानी से काफी नुकसान हुआ है। खेतों में पड़ा गेहूं भीग गया। अब सूखने के लिए इसको पलट रहे हैं। भंवर पाल ने बताया खेतों में पक्की फसल गेहूं की खड़ी है सरसों की खड़ी है। तेज हवा के साथ पानी बरसता है ऐसे में फसल गिर जाती है नुकसान भी होता है।


