बक्सर जिले में गेहूं की फसल और घरों को आग लगने की घटनाओं से बचाने के लिए बिजली विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत, ग्रामीण इलाकों में अब प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक छह घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। यह व्यवस्था गेहूं की कटाई पूरी होने तक लागू रहेगी। बक्सर अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न फीडरों और ग्रिड से जुड़े दर्जनों गांव इस बिजली कटौती से प्रभावित होंगे। बिजली विभाग का मानना है कि गर्मी के मौसम में जर्जर तारों से निकलने वाली चिंगारी के कारण खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसी को रोकने के लिए दिन के समय आपूर्ति बंद रखने का निर्णय लिया गया है। JE को समय पर बिजली बंद करने का आदेश विभागीय निर्देश के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों के जूनियर इंजीनियरों (जेई) को तय समय पर बिजली बंद और चालू करने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती तौर पर उठाया गया है, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके। हालांकि, इस निर्णय से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच दिन में छह घंटे बिजली नहीं रहने से लोगों को पानी भरने, मोबाइल चार्ज करने और अन्य जरूरी कामों में दिक्कत हो रही है। लोगों से पानी स्टोर कर लेने की अपील बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह 10 बजे से पहले ही पानी स्टोर कर लें और सभी जरूरी बिजली से जुड़े कार्य समय रहते पूरा कर लें। अगले 10 से 15 दिनों तक इस व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि जिले के कई क्षेत्रों में बिजली के तार और पोल जर्जर स्थिति में हैं, जिससे हल्की हवा में भी तार टूटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में विभाग ने जोखिम को कम करने के लिए यह अस्थायी कदम उठाया है। बक्सर जिले में गेहूं की फसल और घरों को आग लगने की घटनाओं से बचाने के लिए बिजली विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत, ग्रामीण इलाकों में अब प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक छह घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। यह व्यवस्था गेहूं की कटाई पूरी होने तक लागू रहेगी। बक्सर अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न फीडरों और ग्रिड से जुड़े दर्जनों गांव इस बिजली कटौती से प्रभावित होंगे। बिजली विभाग का मानना है कि गर्मी के मौसम में जर्जर तारों से निकलने वाली चिंगारी के कारण खेतों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। इसी को रोकने के लिए दिन के समय आपूर्ति बंद रखने का निर्णय लिया गया है। JE को समय पर बिजली बंद करने का आदेश विभागीय निर्देश के अनुसार, संबंधित क्षेत्रों के जूनियर इंजीनियरों (जेई) को तय समय पर बिजली बंद और चालू करने का आदेश दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कदम पूरी तरह एहतियाती तौर पर उठाया गया है, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रह सके। हालांकि, इस निर्णय से आम उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच दिन में छह घंटे बिजली नहीं रहने से लोगों को पानी भरने, मोबाइल चार्ज करने और अन्य जरूरी कामों में दिक्कत हो रही है। लोगों से पानी स्टोर कर लेने की अपील बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे सुबह 10 बजे से पहले ही पानी स्टोर कर लें और सभी जरूरी बिजली से जुड़े कार्य समय रहते पूरा कर लें। अगले 10 से 15 दिनों तक इस व्यवस्था को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गौरतलब है कि जिले के कई क्षेत्रों में बिजली के तार और पोल जर्जर स्थिति में हैं, जिससे हल्की हवा में भी तार टूटने की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में विभाग ने जोखिम को कम करने के लिए यह अस्थायी कदम उठाया है।


