बांका जिले के नवादा बाजार क्षेत्र में शनिवार शाम भीषण आग लगने से करीब 150 बीघा में लगी गेहूं, गन्ना और पुआल की फसल जलकर राख हो गई। यह घटना गोसाईचक, दुर्गापुर, नवादा बाजार और बाबरचक गांवों में हुई, जिससे चार गांवों के किसानों में हड़कंप मच गया। किसानों ने आरोप लगाया है कि यह आग 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज बिजली के तार से निकली चिंगारी के कारण लगी, जिससे उनकी पूरी फसल नष्ट हो गई। फसल बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़े किसान आग सबसे पहले गोसाईचक गांव के एक खेत में लगी। उस समय तेज पछुआ हवा और कड़ी धूप के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई और कुछ ही देर में गोसाईचक से दुर्गापुर, बाबरचक और नवादा बाजार गांवों के खेतों तक पहुंच गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। किसान अपनी फसल बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े। घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौके पर पहुंचे, लेकिन आग बुझाने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं थे। आंखों के सामने फसल जलता देख भावुक हुए लोग प्रखंड क्षेत्र में दमकल वाहन न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने लाठी-डंडे, हरे पेड़ों की डालियों और पानी की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस दौरान कई किसान अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत की फसल जलते देख भावुक हो गए । ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। प्रखंड में दमकल वाहन उपलब्ध न होने के कारण धोरैया, बाराहाट और बांका प्रखंडों से दमकल वाहनों को बुलाया गया। दमकल के पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग गया। तब तक स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था, जिससे अन्य खेतों में लगी फसल को जलने से बचा लिया गया। मौके पर दमकल वाहन पहुंची लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था।अगलगी की इस घटना में कई किसानों की फसल पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गई। तीसरे दिन लगातार अगलगी की घटना हुई। प्रभावित किसानों में शामिल लोग प्रभावित किसानों में गोसाईचक निवासी चंदन सिंह की पांच बीघा, गुलाब सिंह की चार बीघा, अरविंद सिंह की दो बीघा, दिनेश सिंह की दस बीघा, राजेश सिंह की चार बीघा, दीनबंधु सिंह की 11 बीघा, दिवाकर मंडल की चार बीघा, अरविंद सिंह की चार बीघा और आनंद सिंह की एक बीघा का फसल जल गई।
इसी तरह दुर्गापुर निवासी मुकेश सिंह की दो बीघा, राकेश सिंह की दस बीघा, बाबरचक निवासी गुड्डू सिंह, छबिलाल मंडल की दो बीघा, विनोद सिंह की छह बीघा, बजरंगी कापरी की दो बीघा, विनय मंडल की तीन बीघा, मदन सिंह की दो बीघा, सरवन राम की छह बीघा, अमित राज की दो बीघा गन्ना तथा विजय सिंह और वीरेंद्र महतो के पुआल के टाल भी जल गए।
इसके अलावा नवादा बाजार निवासी अशोक कुमार सिंह की 12 बीघा, राकेश सिंह की दो बीघा, रामदेव पंडित की एक बीघा, शिवनारायण मंडल की पांच कठ्ठा गन्ना, विनोद मंडल की दो बीघा, सेनुल ठाकुर की एक बीघा तथा शब्बू मंडल की एक बीघा फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। कुल मिलाकर करीब 150 बीघा में लगी फसल पूरी तरह से जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ट्रांसफार्मर से अक्सर निकलती रहती है चिंगारी घटना के बाद किसानों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा गया। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी नीचे झूल रहे हैं और ट्रांसफार्मर से अक्सर चिंगारी निकलती रहती है। कई बार इसकी शिकायत सकहारा फिटर में की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह बड़ी घटना हुई है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
साथ ही आरोप लगाया कि मरम्मत के लिए बिजली कर्मी अक्सर पैसे की मांग करते हैं और बिना पैसे के काम करने से कतराते हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। राजस्व पदाधिकारी सुरेश्वर श्रीवास्तव ने बताया कि आवेदन देने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि उस समय बिजली कटी हुई थी और ट्रांसफार्मर मरम्मत का काम चल रहा था। बांका जिले के नवादा बाजार क्षेत्र में शनिवार शाम भीषण आग लगने से करीब 150 बीघा में लगी गेहूं, गन्ना और पुआल की फसल जलकर राख हो गई। यह घटना गोसाईचक, दुर्गापुर, नवादा बाजार और बाबरचक गांवों में हुई, जिससे चार गांवों के किसानों में हड़कंप मच गया। किसानों ने आरोप लगाया है कि यह आग 11 हजार वोल्ट के हाई वोल्टेज बिजली के तार से निकली चिंगारी के कारण लगी, जिससे उनकी पूरी फसल नष्ट हो गई। फसल बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़े किसान आग सबसे पहले गोसाईचक गांव के एक खेत में लगी। उस समय तेज पछुआ हवा और कड़ी धूप के कारण आग ने तुरंत विकराल रूप ले लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से एक खेत से दूसरे खेत में फैलती चली गई और कुछ ही देर में गोसाईचक से दुर्गापुर, बाबरचक और नवादा बाजार गांवों के खेतों तक पहुंच गई। आग की लपटें और धुएं का गुबार देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। किसान अपनी फसल बचाने के लिए खेतों की ओर दौड़ पड़े। घटना की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और किसान मौके पर पहुंचे, लेकिन आग बुझाने के लिए पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं थे। आंखों के सामने फसल जलता देख भावुक हुए लोग प्रखंड क्षेत्र में दमकल वाहन न होने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने लाठी-डंडे, हरे पेड़ों की डालियों और पानी की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की। इस दौरान कई किसान अपनी आंखों के सामने अपनी मेहनत की फसल जलते देख भावुक हो गए । ग्रामीणों ने तुरंत दमकल विभाग को घटना की सूचना दी। प्रखंड में दमकल वाहन उपलब्ध न होने के कारण धोरैया, बाराहाट और बांका प्रखंडों से दमकल वाहनों को बुलाया गया। दमकल के पहुंचने में करीब एक घंटे का समय लग गया। तब तक स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था, जिससे अन्य खेतों में लगी फसल को जलने से बचा लिया गया। मौके पर दमकल वाहन पहुंची लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया था।अगलगी की इस घटना में कई किसानों की फसल पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गई। तीसरे दिन लगातार अगलगी की घटना हुई। प्रभावित किसानों में शामिल लोग प्रभावित किसानों में गोसाईचक निवासी चंदन सिंह की पांच बीघा, गुलाब सिंह की चार बीघा, अरविंद सिंह की दो बीघा, दिनेश सिंह की दस बीघा, राजेश सिंह की चार बीघा, दीनबंधु सिंह की 11 बीघा, दिवाकर मंडल की चार बीघा, अरविंद सिंह की चार बीघा और आनंद सिंह की एक बीघा का फसल जल गई।
इसी तरह दुर्गापुर निवासी मुकेश सिंह की दो बीघा, राकेश सिंह की दस बीघा, बाबरचक निवासी गुड्डू सिंह, छबिलाल मंडल की दो बीघा, विनोद सिंह की छह बीघा, बजरंगी कापरी की दो बीघा, विनय मंडल की तीन बीघा, मदन सिंह की दो बीघा, सरवन राम की छह बीघा, अमित राज की दो बीघा गन्ना तथा विजय सिंह और वीरेंद्र महतो के पुआल के टाल भी जल गए।
इसके अलावा नवादा बाजार निवासी अशोक कुमार सिंह की 12 बीघा, राकेश सिंह की दो बीघा, रामदेव पंडित की एक बीघा, शिवनारायण मंडल की पांच कठ्ठा गन्ना, विनोद मंडल की दो बीघा, सेनुल ठाकुर की एक बीघा तथा शब्बू मंडल की एक बीघा फसल भी आग की भेंट चढ़ गई। कुल मिलाकर करीब 150 बीघा में लगी फसल पूरी तरह से जलकर राख हो गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ट्रांसफार्मर से अक्सर निकलती रहती है चिंगारी घटना के बाद किसानों में बिजली विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा गया। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी नीचे झूल रहे हैं और ट्रांसफार्मर से अक्सर चिंगारी निकलती रहती है। कई बार इसकी शिकायत सकहारा फिटर में की गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। किसानों का कहना है कि बिजली विभाग की लापरवाही के कारण यह बड़ी घटना हुई है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे।
साथ ही आरोप लगाया कि मरम्मत के लिए बिजली कर्मी अक्सर पैसे की मांग करते हैं और बिना पैसे के काम करने से कतराते हैं, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। पीड़ित किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। राजस्व पदाधिकारी सुरेश्वर श्रीवास्तव ने बताया कि आवेदन देने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बिजली विभाग के एसडीओ ने बताया कि उस समय बिजली कटी हुई थी और ट्रांसफार्मर मरम्मत का काम चल रहा था।


