रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत सिंह ने शनिवार को भभुआ शहर स्थित राजद कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की खेल विकास योजनाओं पर गंभीर सवाल उठाए। सिंह ने आरोप लगाया कि ‘खेलो इंडिया’ अभियान में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। अजीत सिंह ने बताया कि मनरेगा और खेलो इंडिया योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में खेल मैदानों के विकास के लिए 10-10 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि जमीनी स्तर पर इन कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। सिंह के अनुसार, “मैदानों की हालत इतनी खराब हो गई है कि जो बच्चे वहां पहले खेलते थे, उन्होंने भी अब वहां जाना बंद कर दिया है। मिट्टी और निर्माण कार्य में सिर्फ लूट-खसोट हुई है।” सिंह ने क्षेत्रीय जरूरतों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बास्केटबॉल खेलने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, फिर भी बिना सोचे-समझे बास्केटबॉल कोर्ट बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान में जो भी थोड़े-बहुत खेल मैदान दिख रहे हैं, वे राजद सरकार की ही देन हैं। पूर्व प्रत्याशी ने शिक्षा विभाग में खेल सामग्री की खरीदारी के नाम पर आए लगभग 2 करोड़ रुपये के ‘बंदरबांट’ की आशंका भी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों तक शिकायत दर्ज कराएंगे। सिंह ने कहा कि सुनवाई न होने की स्थिति में राजद कार्यकर्ता जनता के हितों के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे। रामगढ़ विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी अजीत सिंह ने शनिवार को भभुआ शहर स्थित राजद कार्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार की खेल विकास योजनाओं पर गंभीर सवाल उठाए। सिंह ने आरोप लगाया कि ‘खेलो इंडिया’ अभियान में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। अजीत सिंह ने बताया कि मनरेगा और खेलो इंडिया योजना के तहत प्रत्येक पंचायत में खेल मैदानों के विकास के लिए 10-10 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि जमीनी स्तर पर इन कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। सिंह के अनुसार, “मैदानों की हालत इतनी खराब हो गई है कि जो बच्चे वहां पहले खेलते थे, उन्होंने भी अब वहां जाना बंद कर दिया है। मिट्टी और निर्माण कार्य में सिर्फ लूट-खसोट हुई है।” सिंह ने क्षेत्रीय जरूरतों की अनदेखी का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में बास्केटबॉल खेलने वाले खिलाड़ी नहीं हैं, फिर भी बिना सोचे-समझे बास्केटबॉल कोर्ट बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि वर्तमान में जो भी थोड़े-बहुत खेल मैदान दिख रहे हैं, वे राजद सरकार की ही देन हैं। पूर्व प्रत्याशी ने शिक्षा विभाग में खेल सामग्री की खरीदारी के नाम पर आए लगभग 2 करोड़ रुपये के ‘बंदरबांट’ की आशंका भी जताई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों तक शिकायत दर्ज कराएंगे। सिंह ने कहा कि सुनवाई न होने की स्थिति में राजद कार्यकर्ता जनता के हितों के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेंगे।


