राजगढ़ जिले में नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत शराब दुकानों के ठेके की प्रक्रिया जारी है। अब तक जिले की 133 कम्पोजिट शराब दुकानों का ठेका हो चुका है, जिससे सरकार को लगभग 176 करोड़ रुपए का राजस्व मिलना तय है। यह कुल प्रस्तावित राजस्व का लगभग 55 प्रतिशत है। इस वर्ष जिले में कुल 157 कम्पोजिट शराब दुकानों के लिए 315 करोड़ रुपए का आरक्षित मूल्य निर्धारित किया गया था। ठेका प्रक्रिया के 11 चरण पूरे होने के बावजूद, 34 दुकानों के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिला था। 31 मार्च की रात पुराने ठेके की अवधि समाप्त होने के बाद, इन दुकानों को आबकारी विभाग ने अपने नियंत्रण में ले लिया था। राजस्व प्रभावित न हो और दुकानों का संचालन जारी रहे, इसके लिए कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देश पर इन दुकानों को फिलहाल होमगार्ड के माध्यम से आबकारी विभाग की निगरानी में चलाया जा रहा है। 9 दुकानों के लिए टेंडर प्राप्त हुए
ठेका प्रक्रिया लगातार जारी है। शुक्रवार को 12वें चरण की कार्रवाई में 9 दुकानों के लिए टेंडर प्राप्त हुए हैं। इन प्रस्तावों को जांच और मंजूरी के लिए जिला स्तरीय समिति के पास भेजा जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता कलेक्टर करते हैं। यदि इन टेंडरों को मंजूरी मिल जाती है, तो जिले में विभागीय नियंत्रण में चल रही दुकानों की संख्या कम हो जाएगी। इसके बाद बची हुई 24 दुकानों को भी शासन के निर्देशानुसार ई-टेंडर और ई-ऑक्शन प्रक्रिया के जरिए नीलामी में शामिल किया जाएगा। आबकारी विभाग ने जल्द ही सभी दुकानों के ठेके पूरे होने की उम्मीद जताई है।


