राजधानी में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। नए निर्देशों के तहत अब पीएनजी पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खुदाई की अनुमति नगर निगम को तुरंत देनी होगी। अब तक अनुमति प्रक्रिया में देरी ही काम की सबसे बड़ी अड़चन बनी हुई थी। कई इलाकों में सोसायटी और कॉलोनियां भी अनुमति देने में आनाकानी करती थीं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद अब कोई भी सोसायटी पीएनजी लाइन बिछाने से इनकार नहीं कर सकेगी। हालांकि, जमीन पर काम के दौरान सीवर, पानी और बिजली की मौजूदा लाइनों से टकराव अभी भी बड़ी तकनीकी चुनौती बना हुआ है, जिससे काम की गति प्रभावित हो रही है। 40 हजार से 5.5 लाख कनेक्शन तक कैसे पहुंचेगा लक्ष्य? भोपाल में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट को वर्ष 2018 में मंजूरी मिली थी और 2021 में पहला कनेक्शन जारी किया गया। अब तक केवल 40 हजार घरों तक ही पीएनजी पहुंच पाई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अगले 6 वर्षों में 5.50 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य किस तरह हासिल किया जाएगा। नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत अब पाइपलाइन बिछाने के लिए सभी जरूरी अनुमतियां नियमानुसार और समय पर दी जाएंगी।


