जयपुर। राज्य सरकार ने राजधानी की द्रव्यवती नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशों के बाद शुक्रवार को नगरीय विकास एवं आवासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक गुप्ता ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नदी का विस्तृत निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बम्बाला पुलिया से स्वर्ण जयंती पार्क तक करीब 40 किलोमीटर क्षेत्र में द्रव्यवती नदी की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए), नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।
आलोक गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आगामी 5 दिनों में पूरे जयपुर शहर का समग्र सर्वे कर द्रव्यवती नदी में प्रदूषण कम करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिन नालों को बंद किया जा सकता है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर तुरंत प्रभाव से बंद किया जाए।
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि नदी के रख-रखाव और सफाई व्यवस्था को और बेहतर करने की जरूरत है। इस पर एसीएस ने टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा किए जा रहे मेंटेनेंस कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नदी किनारे बने शौचालयों और वॉक-वे की साफ-सफाई और रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि द्रव्यवती नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है और सभी विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करनी होगी।


