टीकमगढ़ से कांग्रेस विधायक यादवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला। उन्होंने सरकार की नीतियों को किसान विरोधी बताते हुए कई आरोप लगाए। विधायक यादवेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा खुद को किसान हितैषी बताती है, लेकिन असल में यह “धन्नासेठों की सरकार” है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर सरकारी खरीदी की तारीख बढ़ा रही है ताकि मजबूर होकर किसान अपना गेहूं व्यापारियों को ₹1800 प्रति क्विंटल जैसे कम दामों पर बेच दें। किसानों पर चौतरफा मार विधायक ने बताया कि किसान इस वक्त हर तरफ से परेशान है। एक तरफ फसल खरीदी नहीं हो रही, वहीं दूसरी तरफ बिजली कंपनी बिल वसूली के लिए कुर्की कर रही है और बैंक भी कर्ज वसूली में कोई ढील नहीं दे रहे। प्रदेश में बोरों (बारदाने) की भारी कमी है। साथ ही, एक एकड़ में सिर्फ 5 क्विंटल गेहूं खरीदने की सीमा तय कर दी गई है, जबकि पैदावार 15-18 क्विंटल तक होती है। उन्होंने सवाल किया कि बाकी का गेहूं किसान कहां ले जाए? शिवराज सिंह चौहान को चुनौती विधायक ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के उस बयान पर भी आपत्ति जताई जिसमें उन्होंने किसानों की आय 10 गुना बढ़ने का दावा किया था। यादवेंद्र सिंह ने चुनौती देते हुए कहा कि सरकार ऐसे किसानों के नाम बताए जिनकी कमाई इतनी बढ़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद में गलत आंकड़े पेश किए जा रहे हैं। विधायक ने साफ कहा कि सरकार की नीयत साफ नहीं है और वह किसानों को व्यापारियों के भरोसे छोड़कर अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है।


