वाराणसी: हनुमान जयंती के अवसर पर हरहुआ स्थित 51 फीट की ऊंची बजरंगबली की प्रतिमा पर 70 फीट की माला चढ़ाई गई। इस दौरान वहां उपस्थित लोगों ने विश्व में फैली अशांति को लेकर शांति की कामना की। लोगों ने बजरंगबली से प्रार्थना की है कि जिस तरह मिडिल ईस्ट युद्ध की आग में झुलस रहा है उसे जल्द से जल्द शांत किया जाए।
51 फीट के बजरंगबली को पहनाई गई 70 फीट की माला
हरहुआ में बजरंगबली की 51 फीट की मूर्ति स्थापित की गई है, जिसका उद्घाटन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था। हनुमान जयंती के मौके पर मूर्ति पर 70 फीट लंबी तुलसी की माला अर्पित की गई और इस माल को पहनाने के लिए क्रेन की सहायता ली गई, जिससे पूरा आयोजन आकर्षण बन गया।
हनुमान जयंती के इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और इस मौके का गवाह बने। आयोजक गोपाल सिंह ने बताया कि बजरंगबली की यह मूर्ति 51 फीट की है, इसको देखते हुए विशेष तरह के माला के निर्माण को लेकर ऑर्डर दिया गया था और पूरे दिन की मेहनत के बाद यह माल तैयार हुई। खास बात यह है कि यह पूरी माला तुलसी की है।
माला पहनाने के लिए लिया गया क्रेन का सहारा
उन्होंने बताया कि 70 फीट की माला का निर्माण करने के बाद इसका वजन ज्यादा हो गया था, इस वजह से बजरंगबली को यह माला पहनने के लिए क्रेन की सहायता ली गई और भक्तों ने विश्व में शांति के लिए विशेष प्रार्थना की। आयोजक ने बताया कि जिस तरह मिडल ईस्ट में युद्ध चल रहा है, उसको लेकर खास प्रार्थना के माध्यम से युद्ध समाप्त करने की कामना की गई है। श्रद्धालुओं ने बजरंगबली से सुख समृद्धि और शांति की कामना करते हुए मानवता के कल्याण की मान्यता मांगी है।
कार्यक्रम के आयोजक गोपाल सिंह ने बताया कि प्रत्येक वर्ष हनुमान जयंती के मौके पर बजरंगबली का श्रृंगार किया जाता है, लेकिन प्रतिमा 51 फीट की है, इस वजह से 70 फीट की तुलसी की माला आकर्षण का मुख्य केंद्र रही। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और भाईचारे का संदेश देते हैं।
दरअसल, हरहुआ स्थित इस भव्य प्रतिमा का लोकार्पण उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था और तब से ही यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का मुख्य केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन यहां सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और बजरंगबली से वरदान मांगते हैं।


