नगर निगम ने किया रिकॉर्ड ₹125 करोड़ का टैक्स कलेक्शन:भवन निर्माण विभाग और एएन कॉलेज सबसे बड़े टैक्स पेयर्स, शॉर्ट मेल सर्विस कैंपेन चल रहे

नगर निगम ने किया रिकॉर्ड ₹125 करोड़ का टैक्स कलेक्शन:भवन निर्माण विभाग और एएन कॉलेज सबसे बड़े टैक्स पेयर्स, शॉर्ट मेल सर्विस कैंपेन चल रहे

पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 125 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त किया है, जो कि अबतक का सबसे अधिक कलेक्शन है। पटना नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 3 लाख 6 हजार होल्डिंग्स दर्ज हैं। इनमें से करीब 2 लाख 45 हजार होल्डिंग्स से वित्तीय वर्ष 2025-26 में टैक्स कलेक्शन किया गया। भवन निर्माण विभाग और ए.एन. कॉलेज सबसे बड़े टैक्स पेयर्स बने है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के टॉप सरकारी प्रॉपर्टी टैक्स पेयर्स • भवन निर्माण विभाग- 15.80 करोड़ रु • एएन कॉलेज- 4.37 करोड़ रु • सीआरपीएफ-1.12 करोड़ रु • ऊर्जा विभाग-93.98 लाख रु • पीएमसीएच- 78.31 लाख रु पटना नगर निगम ने भेजे 10 करोड़ SMS पटना नगर निगम द्वारा बड़े स्तर पर शॉर्ट मेल सर्विस कैंपेन चलाया गया जिसके अंतर्गत प्रत्येक दिन पांच लाख बल्क मैसेज भेजे गए। इस अभियान में उन संपत्तिधारकों से भी संपर्क किया गया जो अन्य शहर में रह रहे हैं। उन्हें ओटीएस एवं ऑनलाइन माध्यम से कर भुगतान की सुविधाओं के प्रति जागरुक किया गया एवं समय कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया गया। मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से भी लगातार बकायेदारों का फॉलो-अप किया गया। बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर चलाया गया विशेष अभियान नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि पटना नगर निगम द्वारा बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर विशेष वसूली अभियान चलाया गया। कुल 9435 वैसे संपत्तिधारक, जिनका पांच हजार रुपये से ज्यादा संपत्ति कर बकाया था, उनके खिलाफ नोटिस जारी कर एवं धावा दल के माध्यम से नियमानुकूल कार्रवाई की गई। आम जन की सहूलियत के लिए पटना नगर निगम द्वारा अवकाश के दिन भी सुबह 7 बजे से लेकर रात्रि 9 बजे तक मुख्यालय और सभी अंचल कार्यालयों में टैक्स कलेक्शन काउंटर खुले रहे। विशेष सर्वेक्षण और OTS से बढ़ा कर संग्रहण मेयर सीता साहू ने कहा कि पटना नगर निगम द्वारा संपत्ति कर संग्रहण को बढ़ाने के लिए सुनियोजित रणनीति के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। पटना नगर निगम क्षेत्र के सभी 375 सेक्टरों के लिए कुल 924 कर्मियों की विशेष टीम गठित की गई थी। इन टीमों द्वारा बिजली बिल के आधार पर ऐसे भवनों एवं भूमियों की पहचान के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया गया, जिनके पास होल्डिंग आईडी नहीं थी। इस पहल के माध्यम से बड़ी संख्या में नई संपत्तियों को कर के दायरे में लाया गया। बिहार सरकार की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। पटना नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 125 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स प्राप्त किया है, जो कि अबतक का सबसे अधिक कलेक्शन है। पटना नगर निगम क्षेत्र में वर्तमान में लगभग 3 लाख 6 हजार होल्डिंग्स दर्ज हैं। इनमें से करीब 2 लाख 45 हजार होल्डिंग्स से वित्तीय वर्ष 2025-26 में टैक्स कलेक्शन किया गया। भवन निर्माण विभाग और ए.एन. कॉलेज सबसे बड़े टैक्स पेयर्स बने है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के टॉप सरकारी प्रॉपर्टी टैक्स पेयर्स • भवन निर्माण विभाग- 15.80 करोड़ रु • एएन कॉलेज- 4.37 करोड़ रु • सीआरपीएफ-1.12 करोड़ रु • ऊर्जा विभाग-93.98 लाख रु • पीएमसीएच- 78.31 लाख रु पटना नगर निगम ने भेजे 10 करोड़ SMS पटना नगर निगम द्वारा बड़े स्तर पर शॉर्ट मेल सर्विस कैंपेन चलाया गया जिसके अंतर्गत प्रत्येक दिन पांच लाख बल्क मैसेज भेजे गए। इस अभियान में उन संपत्तिधारकों से भी संपर्क किया गया जो अन्य शहर में रह रहे हैं। उन्हें ओटीएस एवं ऑनलाइन माध्यम से कर भुगतान की सुविधाओं के प्रति जागरुक किया गया एवं समय कर भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया गया। मुख्यालय स्थित कंट्रोल रूम से भी लगातार बकायेदारों का फॉलो-अप किया गया। बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर चलाया गया विशेष अभियान नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कहा कि पटना नगर निगम द्वारा बड़े बकायेदारों को चिन्हित कर विशेष वसूली अभियान चलाया गया। कुल 9435 वैसे संपत्तिधारक, जिनका पांच हजार रुपये से ज्यादा संपत्ति कर बकाया था, उनके खिलाफ नोटिस जारी कर एवं धावा दल के माध्यम से नियमानुकूल कार्रवाई की गई। आम जन की सहूलियत के लिए पटना नगर निगम द्वारा अवकाश के दिन भी सुबह 7 बजे से लेकर रात्रि 9 बजे तक मुख्यालय और सभी अंचल कार्यालयों में टैक्स कलेक्शन काउंटर खुले रहे। विशेष सर्वेक्षण और OTS से बढ़ा कर संग्रहण मेयर सीता साहू ने कहा कि पटना नगर निगम द्वारा संपत्ति कर संग्रहण को बढ़ाने के लिए सुनियोजित रणनीति के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किया गया है। पटना नगर निगम क्षेत्र के सभी 375 सेक्टरों के लिए कुल 924 कर्मियों की विशेष टीम गठित की गई थी। इन टीमों द्वारा बिजली बिल के आधार पर ऐसे भवनों एवं भूमियों की पहचान के लिए विशेष सर्वेक्षण अभियान चलाया गया, जिनके पास होल्डिंग आईडी नहीं थी। इस पहल के माध्यम से बड़ी संख्या में नई संपत्तियों को कर के दायरे में लाया गया। बिहार सरकार की वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *