सहरसा के विकास भवन में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला उप विकास आयुक्त गौरव कुमार और जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और हाल में फैल रही अफवाहों पर नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार करना था। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सहरसा जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कुछ भ्रामक खबरों के कारण लोगों के बीच अनावश्यक घबराहट की स्थिति उत्पन्न हुई है, जबकि वास्तविकता यह है कि मांग के अनुरूप ईंधन की आपूर्ति लगातार की जा रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। पेट्रोल पंपों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी
डीएम ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित रखने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये अधिकारी पंपों पर निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कालाबाजारी को रोका जा सके। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने जानकारी दी कि देश स्तर पर भी पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि लगभग 77 दिनों का स्टॉक सुरक्षित है और वर्तमान में किसी भी तरह की आपात स्थिति नहीं है। अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे
प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि जो लोग अधिक मात्रा में पेट्रोल या डीजल खरीदना चाहते हैं, उन्हें आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से ईंट भट्ठा संचालकों और किसानों के लिए लागू की जाएगी, ताकि ईंधन का दुरुपयोग रोका जा सके। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सहरसा के विकास भवन में जिलाधिकारी दीपेश कुमार की अध्यक्षता में जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला उप विकास आयुक्त गौरव कुमार और जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता, आपूर्ति व्यवस्था और हाल में फैल रही अफवाहों पर नियंत्रण के लिए रणनीति तैयार करना था। जिलाधिकारी दीपेश कुमार ने स्पष्ट किया कि सहरसा जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में कुछ भ्रामक खबरों के कारण लोगों के बीच अनावश्यक घबराहट की स्थिति उत्पन्न हुई है, जबकि वास्तविकता यह है कि मांग के अनुरूप ईंधन की आपूर्ति लगातार की जा रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन का भंडारण न करें। पेट्रोल पंपों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी
डीएम ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित रखने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये अधिकारी पंपों पर निगरानी रखेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या कालाबाजारी को रोका जा सके। जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने जानकारी दी कि देश स्तर पर भी पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि लगभग 77 दिनों का स्टॉक सुरक्षित है और वर्तमान में किसी भी तरह की आपात स्थिति नहीं है। अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे
प्रशासन ने यह भी निर्णय लिया है कि जो लोग अधिक मात्रा में पेट्रोल या डीजल खरीदना चाहते हैं, उन्हें आधार कार्ड, किसान क्रेडिट कार्ड या अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। यह व्यवस्था विशेष रूप से ईंट भट्ठा संचालकों और किसानों के लिए लागू की जाएगी, ताकि ईंधन का दुरुपयोग रोका जा सके। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर प्रशासन की कड़ी नजर है और ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


