बरेली। नवाबगंज में प्रशासन द्वारा धरना स्थल से पंडाल हटाए जाने के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार गुरुवार सुबह एसडीएम आवास के सामने दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। उनकी सूचना मिलते ही सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ मौके पर पहुंच गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी।
रात में हटाया गया धरना स्थल का पंडाल
बताया जा रहा है कि पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार ने 15 मार्च को एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र से जुड़ी 15 मांगों के निस्तारण की मांग की थी। उनका कहना था कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दो अप्रैल को नवाबगंज के सरदार वल्लभभाई पटेल चौक के पास धरना दिया जाएगा। इसके लिए वहां पंडाल भी लगाया गया था, लेकिन प्रशासन ने देर रात पुलिस भेजकर पंडाल हटवा दिया। एसडीएम उदित पवार ने इस धरना प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद समर्थकों द्वारा पंडाल लगाए जाने पर पुलिस ने कार्रवाई की। प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज पूर्व मंत्री गुरुवार सुबह सीधे एसडीएम आवास पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए।
सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा
पूर्व मंत्री के धरने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना स्थल पर हंगामा किया। इससे कुछ देर के लिए इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और पूर्व मंत्री को समझाकर धरना समाप्त कराने की कोशिश में जुटे रहे। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमति नहीं दी गई थी, जबकि सपा नेताओं का आरोप है कि उनकी लोकतांत्रिक आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।


