खंडवा में रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमण के नाम पर अब तक 500 से ज्यादा मकान तोड़ दिए हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं, इसी बीच नौवें दिन मंदिर तोड़े जाने के मामले ने विवाद खड़ा कर दिया। रेलवे की जेसीबी ने एक भीलटदेव के मंदिर को तोड़ दिया। इससे पहले मूर्ति को पानी की टंकी में फेंक दिया। घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं। इसे लेकर कांग्रेस ने हिंदुत्व की पहरेदारी करने वाली भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। सूरजकुंड क्षेत्र में मंदिर तोड़ने का मामला सामने आया तो मौके पर हिंदू जागरण मंच के संयोजक माधव झा सहित कई लोग पहुंचे और विरोध जताया। माधव झा ने कहा कि रेलवे की जमीन में मंदिर से पहले चर्च और दरगाह हैं, लेकिन उन्हें तोड़ने की हिमाकत तक नहीं की जा रही। मंदिर को तोड़ा गया और मूर्तियों सहित मलबे को पानी के टैंक में बहा दिया। इधर, रेलवे अधिकारियों से कहासुनी के बीच तय किया गया कि अब पहले चर्च और दरगाह टूटेगी, उसके बाद बाकी का अतिक्रमण तोड़ जाएगा। इसके अलावा हिंदूवादी नेता डॉ. अनीस अरझरे ने सोशल मीडिया पर लिखा कि खंडवा को पाकिस्तान बना दिया गया हैं। नेता प्रतिपक्ष बोले- कहां है? बीजेपी नेता
खंडवा में बुधवार को मंदिर तोड़ने के दो घटनाक्रम हुए हैं। सुबह नागचून रोड़ पर भी भीलटदेव का मंदिर तोड़ा गया। इस घटना को कारोबारी श्याम हेमवानी द्वारा एक मुस्लिम कॉलोनाइजर को जमीन बेचने के लिए अंजाम दिया गया। वहीं शाम को रेलवे ने भीलटदेव मंदिर तोड़ दिया। मामले में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर ने कहा कि, यह घटनाएं भाजपा की सरकार में हो रही हैं। जो हिंदूत्व के नाम पर वोट मांगती हैं। अब भाजपा के नेता कहां छिप गए हैं।


