जैसलमेर प्रशासन में बदलाव, अनुपमा जोरवाल होगी नई जिला कलक्टर

जैसलमेर प्रशासन में बदलाव, अनुपमा जोरवाल होगी नई जिला कलक्टर

राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए 65 आइएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस बदलाव के तहत जैसलमेर कलक्टर प्रतापसिंह का तबादला भी शामिल है। उन्हें जयपुर में संयुक्त शासन सचिव, वित्त (व्यय-द्वितीय ) पद पर नियुक्त किया गया है। वहीं, अनुभवी आइएएस अधिकारी अनुपमा जोरवाल को जैसलमेर की नई कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। गौरतलब है कि पूर्व जिला कलक्टर प्रतापसिंह का जैसलमेर में कार्यकाल करीब ढाई वर्ष का रहा, जो जिले के सर्वाधिक कार्यकाल में से एक है।

इससे पहले ललित के पंवार का कार्यकाल लगभग तीन वर्ष का रहा था। अपने कार्यकाल के दौरान प्रतापसिंह ने विभिन्न प्रशासनिक पहल, जनसुनवाई और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया, वहीं विवादों से भी उनका नाता रहा। पूर्व पोकरण एसडीएम ने उनकी कार्यशैली पर सोशल मीडिया पर आरोप लगाए, आरएएस एसोसिएशन ने भी विरोध जताया था। ओरण आंदोलन के दौरान भी उनका विरोध हुआ। दूसरी ओर उनकी कार्यशैली में सक्रियता और मैदानी स्तर पर निगरानी प्रमुख रही। अब उन्हें जयपुर में वित्त (व्यय-द्वितीय) विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग राज्य की वित्तीय योजनाओं, बजट प्रबंधन और व्यय नियंत्रण से जुड़ा होता है।

दूसरी बार अवसर

जैसलमेर में नई कलेक्टर के रूप में अनुपमा जोरवाल की एक बार फिर नियुक्ति हुई है। वे वर्ष 2018 में जैसलमेर में कलेक्टर रह चुकी हैं और वह जिले की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमावर्ती चुनौतियों और प्रशासनिक आवश्यकताओं से वाकिफ है। वर्तमान में वे जयपुर में समग्र शिक्षा अभियान से जुड़ी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

टीकाकरण से वंचित बच्चों को अभियान से जोड़ने पर भी बल

जैसलमेर. शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गफूर भट्टा में बुधवार को शहरी क्षेत्र सेक्टर की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. निखिल शर्मा ने सभी चिकित्सा अधिकारियों, जीएनएम, एएनएम और आशा सहयोगिनियों को निर्देश दिए कि अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में आउटरीच मोबाइल एप के माध्यम से सर्वे कार्य को शत प्रतिशत ऑनलाइन सुनिश्चित करें। बैठक में टीकाकरण अभियान के तहत वंचित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें लाभान्वित करने, एनसीडी स्क्रीनिंग समय पर पूर्ण करने और 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान की गतिविधियों को गति देने पर जोर दिया गया। साथ ही गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और शिशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्राथमिकता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य सेवाओं की ऑनलाइन रिपोर्टिंग पीसीटीएस और एचएमआइएस पोर्टल पर समय पर दर्ज करने, जननी सुरक्षा योजना और लाड़ो योजना के लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि का शीघ्र भुगतान करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री निःशुल्क दवा और जांच योजना के तहत अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने, रिकॉर्ड का सही संधारण करने, गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच समय पर कराने तथा टीबी स्क्रीनिंग और निक्षय आईडी बनाने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में डीपीओ विजयसिंह और नरेंद्र कुमार सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

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