राज ठाकरे की पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने रेलवे को दादर-रत्नागिरी ट्रेन सेवा शुरू करने के लिए अल्टीमेटम दिया है। मनसे की ओर से चेतावनी दी गई थी कि अगर 15 दिनों में उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा और उत्तर प्रदेश और बिहार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों को रोका जाएगा। पिछले हफ्ते इस मुद्दे पर मनसे के प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे अधिकारियों से मुलाकात भी की। इसको लेकर अब बड़ी जानकारी सामने आ रही है।
मुंबई से कोंकण जाने वाले आम यात्रियों के लिए अहम मानी जाने वाली रत्नागिरी-दिवा पैसेंजर ट्रेन को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। इस ट्रेन को पहले की तरह दादर से चलाने की मांग को रेलवे ने साफ तौर पर खारिज कर दिया है।
बदलेगा कोंकण की सभी एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग?
रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई उत्तर-पश्चिम से सांसद रविंद्र वायकर ने आज दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से इस मुद्दे को लेकर मुलाकात की। उनके साथ कोंकण क्षेत्र के कई पदाधिकारी भी मौजूद थे। वायकर ने इस ट्रेन को दिवा के बजाय दादर या छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) से चलाने की गुजारिश की, लेकिन रेल मंत्री ने साफ कहा कि फिलहाल यह संभव नहीं है। इस जवाब के बाद दादर तक इस ट्रेन के चलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई है।
कोविड के बाद से सीमित हुई सेवा
कोरोना काल के दौरान रत्नागिरी-दादर पैसेंजर ट्रेन बंद कर दी गई थी। इसके बाद जब सेवा दोबारा शुरू हुई, तो इसे मुंबई के पड़ोसी ठाणे जिले के दिवा स्टेशन से शुरू किया गया। मुंबई के हजारों यात्रियों के लिए दिवा तक जाना असुविधाजनक था, इसी वजह से लंबे समय से इसे दादर तक बढ़ाने की मांग की जा रही थी।
डेढ़ से दो साल में तैयार होगा नया रेल मार्ग
शिवसेना शिंदे गुट के सांसद रविंद्र वायकर ने बताया कि आने वाले डेढ़ से दो साल में नए रेलवे मार्ग का काम पूरा होने की संभावना है। इसके बाद कोकण जाने वाली सभी एक्सप्रेस ट्रेनें भी इसी नए मार्ग से संचालित की जाएंगी। हालांकि इस फैसले से मुंबई से कोकण जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, सरकार का कहना है कि नए रेल मार्ग के पूरा होने के बाद स्थिति बेहतर होगी।
राजनीति से दूर रखने की अपील
रेलवे अधिकारियों से मुलाकात के बाद सांसद रविंद्र वायकर ने पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि वर्तमान रत्नागिरी-दिवा पैसेंजर ट्रेन आने वाले वर्षों में पश्चिमी रेलवे मार्ग से होते हुए वसई जाएगी। वसई से यह ट्रेन पनवेल होते हुए कोंकण जाएगी। नए रेल मार्ग का काम तेजी से चल रहा है और यह डेढ़ से दो वर्षों में शुरू करने का प्रयास है। उसके शुरू होने के बाद कोंकण जाने वाली सभी एक्सप्रेस ट्रेनें इसी नए मार्ग पर चलेंगी। उन्होंने अपील की कि इस विषय को राजनीतिक रंग न दिया जाए और विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए निर्णयों को समझा जाए।


