भास्कर न्यूज | राउरकेला पूजास्थलों से देवी-देवताओं की मूर्तियां गायब होने और उनकी जगह अन्य तस्वीर रखे जाने की घटना से संथाल समुदाय में भारी रोष है। मंगलवार को केन्दुझर, मयूरभंज और जाजपुर जिलों से आए दो हजार से अधिक लोगों ने आनंदपुर ब्रिज चौक से रैली निकालकर एसडीओ कार्यालय तक प्रदर्शन किया और 6 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। जानकारी के मुताबिक हाटडीही ब्लॉक के पुरुणापानी, मधुबन और टिलगड़िया गांवों के ‘जाहेरगाल’ पूजा स्थलों से मूर्तियां गायब कर दी गईं और वहां अन्य देवता की तस्वीर रख दी गई। इससे समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और क्षेत्र में असंतोष बढ़ गया है। मामले में सोसो थाना में शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन डेढ़ महीने बाद भी पुलिस आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है। इससे नाराज होकर बड़ी संख्या में आदिवासी समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे प्रकृति पूजक हैं और पेड़-पौधों व पहाड़ों की पूजा करते हैं। 16 तारीख की रात अज्ञात लोगों ने पूजा स्थल से मूर्तियां हटाकर वहां दूसरी तस्वीर रख दी, जो उनकी आस्था का अपमान है। तीन गांवों में एक जैसी घटनाएं सामने आने से साजिश की आशंका जताई जा रही है। समुदाय के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। ज्ञापन में अनुसूचित जनजातियों के लिए अलग धर्म कॉलम कोड की मांग भी शामिल की गई है।


