एक साल से सपने में दर्शन दे रहीं थीं माता, खुदाई की तो निकली अष्टभुजा वाली मूर्ति

एक साल से सपने में दर्शन दे रहीं थीं माता, खुदाई की तो निकली अष्टभुजा वाली मूर्ति

Khandwa- खंडवा के छैगांवमाखन विकासखंड के ग्राम भुईफल की कांजाबेड़ा पहाड़ी पर खुदाई में माता की प्राचीन प्रतिमा निकली है। तंत्र मंत्र करने वाले एक बाबा को एक साल से स्वप्न में माता के दर्शन हो रहे थे। सोमवार को ग्राम सरपंच प्रतिनिधि व ग्रामीणों ने बाबा के बताए स्थान पर खुदाई की तो एक प्रतिमा निकली। जैसे ही इसकी पोस्ट वायरल हुई तो कांजाबेड़ा पहाड़ी पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। प्रशासन और पुलिस भी मौके पर पहुंचे। पंधाना विधायक ने भी यहां पहुंचकर मंदिर बनाने की घोषणा की है।

बताया जा रहा है कि पुनासा के अंजनिया कला निवासी राजू भील बाबा को पिछले एक साल से सपना आ रहा था कि कांजाबेड़ा पहाड़ी पर माता का स्थान है। राजू बाबा ने यह बात भुईफल सरपंच लक्ष्मीबाई मंडलोई और उनके पति गजराज मंडलोई को फोन पर बताई।

सोमवार सुबह राजू बाबा ग्राम भुईफल पहुंचे, यहां सरपंच पति गजराज मंडलोई व ग्रामीणों ने उनके साथ कांजाबेड़ा पहाड़ी पर जाकर दो स्थान पर खुदाई कराई, लेकिन कुछ नहीं मिला। इसके बाद तीसरी जगह आधा फीट पर ही एक पाषाण की प्रतिमा मिली। प्रतिमा में माता शेर पर सवार दिख रही है।

माता कांजाबेड़ा का स्थान

जिस जगह खुदाई में माता की प्रतिमा मिली है, उस पहाड़ी पर 500 फीट दूरी पर इसाई समाज का चर्च और कांजाबेड़ा माता का स्थान है। जहां सोमवार को प्रतिमा मिली, वह जगह शासकीय है और ग्राम कोटवार को जीवन यापन के लिए दी हुई है। प्रतिमा मिलने की सूचना पर यहां आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में पहुंचे और मंदिर बनाने की मांग की। मौके पर मौजूद एसडीएम खंडवा ऋषि कुमार सिंघई, डीएसपी अनिल चौहान, छैगांवमाखन थाना प्रभारी विक्रम धार्वे और पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया।

पहाड़ी का नाम दुर्गा पर्वत भी रख दिया

पंधाना विधायक छाया मोरे और महादेवगढ़ संंरक्षक अशोक पालीवाल भी पहुंचे। विधायक ने कलेक्टर से भी चर्चा कर उक्त जगह को मंदिर के लिए दिए जाने की बात कही। इसके साथ ही विधायक छाया मोरे ने यहां मंदिर के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। महादेवगढ़ संरक्षक अशोक पालीवाल ने भी 1.11 लाख रुपए की घोषणा की। साथ ही पहाड़ी का नाम दुर्गा पर्वत भी रख दिया। ग्रामीणों ने माता प्रतिमा के लिए यहां अस्थाई टेंट लगवा दिया। सोमवार शाम यहां विहिप, बजरंग दल सहित आसपास के ग्रामीणों ने महाआरती भी की।

एएसआइ करेगी प्रतिमा की जांच

एसडीएम ऋषि कुमार सिंघई ने बताया कि कांजाबेड़ा में विवाद जैसी कोई स्थिति नहीं है। ग्रामीणों के अनुसार वहां प्रतिमा निकली है। प्रतिमा कितनी पुरानी है, इसकी जांच के लिए आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआइ) को लिखा जाएगा। एएसआइ की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।

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